ग्रेनाइट उद्योग की 25 साल पुरानी समस्या का अस्थाई समाधान, अटकी स्वीकृतियों की गाड़ी अब दौड़ेगी

ग्रेनाइट उद्योग की 25 साल पुरानी समस्या का अस्थाई समाधान, अटकी स्वीकृतियों की गाड़ी अब दौड़ेगी

Rajendra Singh Denok | Publish: Mar, 14 2018 01:09:13 PM (IST) Pali, Rajasthan, India

- 50 करोड़ से अधिक का टर्न ओवर देने वाला ग्रेनाइट उद्योग

फैक्ट फाइल

ऐसा है पाली का ग्रेनाइट उद्योग

- 25 ग्रेनाइट इकाइयां हैं पाली में
- 50 मशीनें लगी हैं इन इकाइयों में

- करीब 50-70 करोड़ का टर्नओवर है इन इकाइयों का
- अब 5 हजार स्क्वायर मीटर क्षेत्र दिया गया है अस्थाई यार्ड के लिए

पाली. पाली में उद्योगों के विकल्प के रूप में 25 साल पहले शुरू किए गए ग्रेनाइट उद्योग को मंगलवार को नई उम्मीद की किरण नजर आई है। इस उद्योग की सालों पुरानी डम्पिंग यार्ड की मांग को कुछ शर्तों के साथ मान लिया गया है। इस मांग को स्वीकृति मिलने से कई महीनों से अटकी पड़ी संचालन की स्वीकृतियां भी जारी की जा सकेगी।

औद्योगिक क्षेत्र चतुर्थ चरण में संचालित ग्रेनाइट उद्योग को राज्य सरकार ने एक सौगात देते हुए लम्बे समय से अटकी डम्पिंग यार्ड की मांग को अस्थाई तौर पर स्वीकृत किया है। चतुर्थ चरण में ही 5 हजार स्क्वायर मीटर क्षेत्र में यह डम्पिंग यार्ड बनेगा। इसमें ग्रेनाइट उद्योग की स्लरी को डाला जा सकेगा। वर्तमान में स्लरी की व्यवस्थित रूप से डम्पिंग नहीं होने से व्यापारियों और क्षेत्रवासियों को लम्बे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही थी।

यह होगा फायदा

ग्रेनाइट स्लरी यार्ड बनने से पहला फायदा तो स्लरी के सड़कों किनारे डम्पिंग करने की समस्या से निजात मिल पाएगी। दूसरी उड़ती स्लरी से होने वाली बीमारियों से भी बचा जा सकेगा।

अटकी स्वीकृतियां भी मिल सकेगी

पाली में ग्रेनाइट इकाइयों को संचालन की अनुमति यानि कि कंसेंट टू ऑपरेट राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल से लेनी होती है। लेकिन आरपीसीबी यह अनुमति इसलिए रोक देता है क्योंकि ग्रेनाइट इकाइयों के पास स्लरी को डालने के लिए स्थान नहीं है। आवेदन फार्म में यह हमेशा पूछा जाता था। अब अस्थाई तौर पर ही सही डम्पिंग यार्ड बता पाएंगे और आरपीसीबी से अटकी कंसेंट जल्द जारी हो सकेगी।

लघु उद्योग भारती ने किया प्रयास

बीते दिनों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग वर्ग के लिए हुए सेमिनार में लघु उद्योग भारती की ओर पाली के ग्रेनाइट उद्योग को स्लरी यार्ड देने की मांग की गई। लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव विनय बम्ब ने बताया कि जब तक स्थाई यार्ड नहीं दिया जाता, अस्थाई यार्ड से अटकी स्वीकृति लेने में मदद मिलेगी।

इन शर्तों का करना होगा पालन

- यह डम्पिंग यार्ड अस्थाई तौर पर दिया जाएगा।
- इस डम्पिंग यार्ड को रीको एसटीपी को आवंटित करेगा। इसका मतलब ग्रेनाइट उद्यमियों को मिलकर एक एसटीपी कंपनी बनानी होगी।

- इस यार्ड के आवंटन के लिए आरपीसीबी से स्वीकृति लेनी होगी।

इनका कहना...

अस्थाई तौर पर 5 हजार स्क्वायर मीटर जमीन ग्रेनाइट स्लरी डम्पिंग यार्ड के लिए आवंटित करने की स्वीकृति मिली है। यह जमीन सशर्त दी जाएगी।

- ए.के सक्सेना, क्षेत्रीय प्रबंधक, रीको पाली।

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