पढ़े: राज्य सरकार ने प्याज को किया आवश्यक वस्तु में शामिल, अनुचित भंडारण पर होगी कार्रवाई

'प्याज के सहारे चांदी कूटने वाले पहुंचेंगे सलाखों के पिछवाड़े, राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर किया आवश्यक वस्तु में शामिल करने का ऐलान

By: Avinash Kewaliya

Published: 09 Dec 2017, 01:42 PM IST

पाली.

प्रदेश में प्याज के सहारे चांदी कूट कुछ ही समय में लखपति बनने का ख्वाब संजोने वाले कारोबारी अब सलाखों के पिछवाड़े पहुंच सकते हैं। राज्य सरकार ने प्याज को 'आवश्यक वस्तु में शामिल कर लिया हैं। राज्यपाल के आदेशों पर खाद्य विभाग की उप सचिव अंजू राजपाल ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी हैं। यह अधिसूचना 31 दिसम्बर तक प्रभावी रहेगी। राज्य सरकार ने अधिसूचना को प्रभावी बनाने के लिए खाद्य विभाग को मॉनिटरिंग का जिम्मा दिया है। जिलों में खाद्य विभाग के अधिकारी प्याज के अनुचित भंडारण पर कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे। सरकार ने यह कदम प्याज के लगातार बढ़ते दामों पर लगाम कसने के लिए उठाया हैं। इस साल राजस्थान में प्याज की पैदावार प्रभावित रहने के कारण मध्यप्रदेश, गुजरात सरीखे राज्यों का प्याज यहां बिकने के लिए आ रहा हैं। कुछ जमाखोरों के कारण प्याज के खुदरा दाम पचास से साठ रुपए किलोग्राम तक पहुंच गए थे। इससे आमजन को हो रही परेशानी के मद्देनजर केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्याज को एक निश्चित अवधि के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल करने का निर्णय किया।

क्या है आवश्यक वस्तु अधिनियम

कुछ खास कमोडिटी के लिए राज्य में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 क्रियाशील है। इसमें चुनिंदा कमोडिटी का अनुचित भंडारण तथा अवैध परिवहन प्रतिबंधित है। इस अधिनियम की अवहेलना पर कमोडिटी का कारोबार करने वालों को जेल की सलाखों तक पहुंचाने का भी प्रावधान हैं।

अब आगे क्या

राज्य में प्याज को आवश्यक वस्तु में शामिल करने के बाद इसका अनुचित भंडारण गैरकानूनी हो जाएगा। खाद्य विभाग के अफसर जिलों में ऐसे कारोबारियों को खोजेंगे, जो प्याज का अनुचित भंडारण कर बाजारों में इसके दाम बढ़ाने के तरीकों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिस जिले में ऐसा होता पाया गया, वहां खाद्य विभाग के मार्फत संबंधित कारोबारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।

अभी क्या है हालात

राजस्थान में मुख्यतया सीकर और जोधपुर जिले के मथानिया क्षेत्र में प्याज की पैदावार होती है। इस साल दोनों ही जगह प्याज की उपज काफी प्रभावित रही हैं। इस कारण गुजरात के राजकोट और नासिक का प्याज बड़ी तादाद में बिकने के लिए राजस्थान पहुंच रहा हैं। अभी भी प्याज के थोक और खुदरा दाम आम आदमी की पहुंच में नहीं आ पाए हैं।

कार्रवाई करेंगे

प्याज को आवश्यक वस्तु में शामिल करने के बाद पाली जिले के कारोबारियों को खंगाला जा रहा हैं। कहीं भी अनुचित तरीके से भंडारण कर इसके दाम बढ़ाने की चेष्टा की गई तो सख्त कार्रवाई करेंगे।

-कमल कुमार, प्रवर्तन निरीक्षक, खाद्य विभाग, पाली

Avinash Kewaliya
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