जिस कार्य पर शहर को होना चाहिए गर्व, वही बन रहा परेशानी का सबब, जानिएं क्या है वजह...

rajendra denok

Publish: Nov, 15 2017 01:28:38 (IST)

Pali, Rajasthan, India
जिस कार्य पर शहर को होना चाहिए गर्व, वही बन रहा परेशानी का सबब, जानिएं क्या है वजह...

डेढ़ साल में हजारों जगह से खोदी सड़कों से आमजन परेशान, अब चुनावी साल आया तो नेताजी ने महसूस की पीड़ा - सीवरेज और 24 घंटे पेयजल योजना से हुई परेशानी -

पाली.

एशिया का तीसरा और देश का पहला शहर पाली होगा, जहां सीवरेज और 24 घंटे पेयजल उपलब्ध होगा। इस बात की ब्रांडिंग विकास मॉडल के तौर पर की गई। लेकिन, जिस कार्य पर शहर को गर्व होना चाहिए वह सबसे बड़ी परेशानी बन कर उभरा है। इसका कारण लापरवाही और भ्रष्टाचार है। यह बात खुद सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि गिना चुके हैं। शहर में सीवरेज कार्य का तीसरा चरण चल रहा है। पहले चरण में जब काम शुरू हुआ तो तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य था। अब सात साल से अधिक समय होने को आया है, लेकिन अब भी शेष है। तीसरे चरण में 400 करोड़ का सीवरेज और 24 घंटे पेयजल कार्य शुरू हुए डेढ़ साल से अधिक समय हुआ है। इस साल के अंत तक यह पूरा करना था। लेकिन अब भी एक साल तक यह पूरा होता नहीं दिख रहा। जनता पिछले डेढ़ साल से इस कार्य के कारण परेशानी भुगत रही है। लेकिन नेताओं का अब जागना कई सवाल खड़े करता है।

पांच जगह जाम, दर्जनों जगह नेताओं का विरोध

क्षतिग्रस्त सड़कों और घटिया निर्माण को लेकर पिछले कुछ माह में शहर में अलग-अलग स्थानों पर पांच जगह लोगों ने जाम लगाया और विरोध किया। कई स्थानों पर विधायक और सभापति का विरोध भी जताया गया। अब चुनावी साल शुरू हो रहा है तो कुर्सी बचाने के लिए नेताओं को भी जनता के साथ विरोध में उतरना पड़ रहा है।

सोशल मीडिया पर ऐसे लिया जस

सोशल मीडिया पर इस योजना का जस लेने के लिए पाली के नेताओं ने कोई कमी नहीं रखी। शहर में होर्डिंग जो लगे वह तो अब हटा लिए गए हैं। लेकिन शहर के प्रथम नागरिक व नगर परिषद सभापति महेन्द्र बोहरा ने खुद इस योजना का प्रचार करते हुए जस लेने में कोई कमी नहीं छोड़ी। जब इसी योजना का प्रतिकूल प्रभाव सामने आने लगा तो खुद बोहरा को ही कई बार लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए मौके पर जाना पड़ा। अब चुनावी साल को देखते हुए विधायक के साथ विरोध में भी उतरना पड़ा।

पिछले डेढ़ साल में ऐसे सामने आई परेशानी

पीएचईडी : पिछले डेढ़ साल में पीएचईडी की सरकारी लाइन और लोगों के घरेलू कनेक्शन को 1500 जगह खोदा गया है। इसमें से अधिकांश मरम्मत रुडिप की संबंधित ठेका फर्म करती है। लेकिन 15 सौ बार सड़क खुदने से लोगों की परेशानी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

डिस्कॉम : पिछले डेढ़ साल में शहर में करीब 400-500 स्थानों पर बिजली की लाइनों को तोड़ा गया है। खास बात यह है कि अंडरग्राउंड केबल तोडऩे से इनको मरम्मत करने में काफी परेशानी होती है। कई बार तो पूरी रात वह क्षेत्र अंधेरे में गुजरा है। करीब 4-5 लाख का नुकसान डिस्कॉम को उठाना पड़ा है।

बीएसएनएल : पिछले डेढ़ साल में शहर में करीब 250 से अधिक स्थानों पर बीएसएनएल की लाइन को तोड़ा गया है। इसका खामियाजा विभाग को तो हुआ ही है साथ ही उपभोक्ता भी विमुख हो चुके हैं। ऐसे क्षेत्र जहां रुडिप का कार्य हुआ है वहां से एक हजार से अधिक लैंडलाइन और करीब 250 उपभोक्ता ब्रॉडबैंक सेवा बंद करवा चुके हैं।


इनका कहना...

यह पूरा मामला रुडिप के उच्चाधिकारियों की जानकारी में है। सभी आरोपों की जांच करवाएंगे। रुडिप के उच्चाधिकारियों की टीम आएगी। जिला प्रशासन भी इसमें पूरा सहयोग करेगा।

- सुधीर कुमार शर्मा, जिला कलक्टर पाली।

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