नशेड़ी लाख पार, नशा मुक्ति का यहां एक भी सरकारी केन्द्र नहीं

- हाल-ए- मारवाड़-गोडवाड़
- कोई नशा छोडऩा चाहे तो पाली में नहीं केन्द्र, जाओ जोधपुर

By: Suresh Hemnani

Published: 11 Jan 2021, 10:14 AM IST

पाली। मारवाड़-गोडवाड़ के पाली, जालोर व सिरोही जिले नशे की जद में जकड़ते जा रहे हैं। जानकारों की माने तो यहां गांजा, अफीम, स्मैक व डोडा पोस्त का नशा करने वालों की संख्या एक लाख से पार है। यह आंकड़ा बड़ा है। इनमें युवा, किशोर, वृद्धजन व महिलाएं तक शामिल है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अकेले पाली जिले में सरकारी स्तर पर नशा मुक्ति का यहां कोई केन्द्र नहीं है। कोई नशा छोडऩा भी चाहे तो उसको कहीं शरण नहीं मिलेगी, उसे जोधपुर जाना पड़ेगा।

मनवार का चलन, नशों में घुलता जा रहा जहर
पाली, जालोर व सिरोही जिलों में शोक सभा, उत्सव, चुनावी चौपाल, शादी-ब्याह में अफीम व डोडा की मनवार का चलन है। इन सभाओं पर पुलिस या प्रशासन जानकारी के बावजूद कार्रवाई नहीं करता। इस मनवार के कारण लगातार नशेड़ी बढ़ रहे हैं। बड़े स्तर पर इसका नशा किया जा रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में यह नशा घुलता जा रहा है। आर्थिक रूप से बर्बाद हो ही रहे हैं, साथ ही शारीरिक रूप से भी लोग कमजोर हो रहे हैं। कई लोग नशे की जद में आने के बाद इसे छोडऩे की इच्छा भी जगाते हैं, लेकिन सरकारी सुविधा या केन्द्र पाली जिले में नहीं होने के कारण वे हार बैठते हैं।

नशा छोडऩा है तो जाओ जोधपुर
कोई नशे की लत छोडऩा भी चाहे तो पाली में केवल काउंसलर की सुविधा है। नशा मुक्ति केन्द्र तो जोधपुर में है। ऐसे में उस व्यक्ति को जोधपुर जाना होता है। पाली में नशा मुक्ति केन्द्र खुल जाए तो बड़े स्तर पर लोग नशा छोडऩे की पहल कर सकते हैं। खुद जिला प्रशासन भी इस बात से सहमत है।

बड़ा खर्च बाहर इलाज में, इसलिए नहीं करवाते उपचार
नशा मुक्ति का सरकारी केन्द्र पाली में नहीं है। कोई व्यक्ति निजी तौर पर बाहर से उपचार करवाता है तो बड़ा खर्च आता है। इस कारण नशे की लत वह चाहकर भी नहीं छोड़ पाता। कुछ एनजीओ व संस्थान नशा मुक्ति के लिए काम कर रहे हैं, लेकिन यहां भी लोगों को पैसा खर्च करना पड़ रहा है। इस कारण नशा छोडऩे के बजाय इसे करने वालों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है।

सरकारी केन्द्र खुलना जरूरी
पाली जिले में युवाओं में अफीम-डोडा, गांजा व स्मैक के नशे की लत दिनोंदिन बढ़ रही है। युवाओं को नशे की इस लत से दूर करने के लिए जिले में सरकारी स्तर पर कोई नशा मुक्ति केन्द्र नहीं है, यह खुलना जरूरी है। पहले भी इसकी मांग उठ चुकी है। - किशोर सोमनानी, समाज सेवी, पाली।

पाली में काउंसलर है, केन्द्र नहीं, केन्द्र खुलवाएंगे
यह सहीं है कि पाली में नशा मुक्ति के लिए काउंसलर है, केन्द्र नहीं है। केन्द्र जोधपुर में हैं। पाली में नशे के हालात को देखते हुए नशा मुक्ति केन्द्र खुलवाने के प्रयास किए जाएंगे। - अंशदीप, जिला कलक्टर, पाली।

Suresh Hemnani
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned