हिस्ट्रीशीटर भाइयों की एनआरपी गैंग, बड़ा भाई जेल से छूटा तो छोटा भाई पुलिस की गिरफ्त में

- मुख्य सगरना जेल से छूटा, आमजन में दहशत
- पाली व जोधपुर के पीपाड़ क्षेत्र में सक्रिय है एनआरपी गैंग
- अपहरण कर धमकाना आम बात
- अब हिस्ट्रीशीटर सहित तीन आरोपी पकड़े

By: Suresh Hemnani

Updated: 06 Apr 2021, 08:10 AM IST

पाली/जैतारण। पाली जिले के जैतारण व जोधपुर के पीपाड़ क्षेत्र में सक्रिय एनआरपी गैंग यानी नाथूराम पिण्डेल गिरोह ने इस कदर दहशत फैला रखी है कि अपहरण व मारपीट करना इनके लिए आम है। पुलिस के लिए सिरदर्द बनी इस गैंग का दूसरे नम्बर का सरगना देवीलाल उर्फ देवाराम पिण्डेल अब पुलिस के हत्थे चढ़ा है। अपहरण के एक मामले में पुलिस ने उसे और उसके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। लेकिन इस गैंग पर पूरी तरह काबू करने के लिए अब भी पुलिस को मशक्कत करनी पड़ेगी। इस गैंग का मुख्य सरगना नाथूराम पिछले एक साल से जेल में था, वह सात दिन पहले ही जेल से छूटा है। अब उसका छोटा भाई देवीलाल पुलिस की गिरफ्त में आ गया है। नाथूराम को लेकर भी गांवों में दहशत है। उसके बाहर आते ही लोगों ने पुलिस को सूचित कर दिया है। पुलिस उस पर नजर रख रही है।

हिस्ट्रीशीटर हत्थे चढ़ा तो रोने लगा- बोला, कॅरियर खराब हो गया
पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि आठ फरवरी को आकोदिया निवासी शक्ति सिंह पुत्र कानसिंह राजपूत का जैतारण मेड़ता रोड पेट्रोल पर तीन जनों ने मिलकर अपहरण कर दिया था, वे उसे लोडिंग गाड़ी में डालकर ले गए और मारपीट की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एएसपी डॉ. तेजपाल सिंह, सीओ जैतारण सुरेश कुमार व थानाधिकारी सहदेव चौधरी की टीम ने इस मामले में एनआरपी (नाथूराम पिण्डेल गैंग) के मुख्य सरगना व हिस्ट्रीशीटर देवीलाल उर्फ देवाराम पिण्डेल पुत्र चैनाराम जाट निवासी रामावास खुर्द, कपिल सेंगवा पुत्र सहीराम जाट निवासी घाणा मगरा तथा महेन्द्र नेहरा पुत्र मिश्रीलाल जाट निवासी मालपुरीया को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक देशी पिस्टल व कैम्पर गाड़ी जब्त कर ली है। आरोपियों से पूछताछ जारी है।

एक आरोपी पहले से गिरफ्तार
इस वारदात में शामिल आरोपी रामचरण पुत्र भीयाराम जाट निवासी खेजडला पीपाड़ शहर जिला जोधपुर को पूर्व में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि आरोपी देवीलाल जब इस मामले में पुलिस के हत्थे चढ़ा तो वह फूट-फूट कर रोने लगा। वह कहने लगा कि अपराध की राह पर उसका कॅरियर खराब हो गया। अब वह अपराध नहीं करेगा।

दो साल में ही बन गया हिस्ट्रीशीटर
देवीलाल के खिलाफ दो साल पहले एक भी मामला नहीं था, दो साल में उसके खिलाफ अपहरण सहित अन्य गंभीर धाराओं के दस मुकदमे दर्ज हो गए, वह हिस्ट्रीशीटर बन गया। उसका भाई नाथूराम भी हिस्ट्रीशीटर है। क्षेत्र में युवा जब पकड़े जाते हैं तो खुद को एनआरपी गैंग का सदस्य बताते है। इस गैंग की दहशत है। पुलिस इस गैंग को काबू कर रही है। - सहदेव चौधरी, थानाधिकारी, जैतारण, पाली।

Suresh Hemnani
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