VIDEO : सीएम राजे ने किया आउवा पैनोरमा का उद्घाटन, बोली सुगाली माता नारी शक्ति की प्रतीक

Suresh Hemnani

Publish: Aug, 30 2018 02:49:53 PM (IST) | Updated: Aug, 30 2018 02:53:22 PM (IST)

Pali, Rajasthan, India

आउवा/पाली। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने गुरुवार को आउवा में बने पैनोरमा के उद्घाटन समारोह में कहा कि सुगाली माता नारी शक्ति की प्रतीक हैं। आउवा 1857 की अमर क्रांति का गवाह रहा है। राजस्थान सरकार ने 160 साल बाद पुन: गांव को उसका स्वाभिमान लौटाया है। यहां मां सुगाली की प्रतिमा पुन: स्थापित करके और इस भव्य पैनोरमा को स्थापित करके। उन्होंने गुरुवार दोपहर इसका उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री दोपहर 12.28 बजे राणकपुर से हैलिकॉप्टर में रवाना होकर आउवा हैलीपेड पहुंची। यहां राजस्थान धरोहर संरक्षण प्रोनत्ति प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत समेत आउवा राजघराने और जिले के कई ठिकानों ने सीएम राजे का स्वागत किया।

राजे ने कहा यह पहली सरकार है जिसने वादा पूरा किया
सभा को सम्बोधित करते हुए राजे ने कहा कि जनता की सेवा करना हमारा काम है। जनता का हिसाब देने के लिए गौरव यात्रा निकाल रहे है। हमारी सरकार भष्ट्राचार में लिप्त नही है, हम पर कोई अंगुली नही उठा सकता। हमने कभी नहीं कहा कि हमारे पास बजट नही है। मांगे तो हमेशा रहेगी, यह एक सतत प्रक्रिया है। यह 36 कॉम को साथ लेकर चलने वाली सरकार है। खण्डित मूर्ति को वापस लाना बहुत बड़ी बात है। हमारी सरकार को यह मौका मिला कि आउवा में पैनोरमा स्तापित हो। पेयजल के समाधान के लिए कहा कि जवाई जल परियोजना में आऊवा से जोड़ दिया गया है। इस दौरान मारवाड़ विधानसभा क्षेत्र में किए गए कार्यों को भी गिनाया।

यह रहे उपस्थित
केन्द्रीय मंत्री पी.पी. चौधरी, राजस्थान धरोहर संरक्षण प्रोनत्ति प्राधिकरण के अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत, जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल, जिला प्रमुख पेमाराम सीरवी, विधायक केसाराम चौधरी, मारवाड़ जंक्शन पंचायत समिति प्रधान सुमेरसिंह कुम्पावत कई पदाधिकारी व नेता उपस्थित थे।

पैनारमा में नजर आया 1857 के महान क्रंतिकारियो का सचित्र वर्णन
इसके साथ ही पूरे पैनोरमा में 1857 के महान क्रंतिकारियो का सचित्र वर्णन भी किया गया है। राजस्थान सरकार द्वारा बनाए पैनोरमा में उन वीर क्रांतिकारियो की प्रतिमा स्थापित की गई है, जिन्होंने 1857 में ब्रिटिश सरकार के खिलाफ युद्ध किया था।

पैनोरमा में 24 स्वतन्त्र सेनानियों की प्रतिमा भी स्थापित की गई
इसके साथ ही पैनोरमा में 24 स्वतन्त्र सेनानियों की प्रतिमा भी स्थापित की गई है, जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने दो दिन की न्यायिक प्रक्रिया पूरी कर कोर्टमॉर्शल कर बंदूकों से मौत के घाट उतार दिया था। हिंदुस्तान की ऐसी पहली घटना भी आऊवा में घटी। इसके साथ ही 1857 का राजस्थान का इतिहास भी पैनोरमा में नजर आया। माँ सुगाली की प्रतिमा व पैट्रिक लॉरेश की प्रतिमा भी पेरोनमा में नजर आई।

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