VIDEO : अरावली की पहाडिय़ों में प्यास बुझाने के लिए वन्य जीवों को अब नहीं भटकना पड़ेगा, जानिए क्यों...

Suresh Hemnani

Publish: May, 18 2019 07:36:13 AM (IST)

Pali, Pali, Rajasthan, India

-महेश चन्देल
धनला। अरावली की पहाडिय़ों में स्थित पाली जिले की सीमा में रावली टाडगढ़ अभयारण्य वनक्षेत्र में राजसमन्द के केलवा निवासी वन्यजीव प्रेमी दानदाता गोरधानलाल पुत्र भंवरलाल ने अपने सहयोगियों के साथ उपवन संरक्षक वन्य जीव Rajasamand फतेहसिंह राठौड़ से मिलकर अभयारण्य क्षेत्र के कालीघाटी forest area में वन्य जीवों के लिए बेरी (रैम्पवेल) को खुदवाने की अनुमति मांगी थी। इस पर उपवन संरक्षक ने क्षेत्रिय वन जोजावर रेंज के भगवतसिंह चूण्डावत को निर्देशित किया। पशुरक्षक हीरासिंह, वनरक्षक मोहब्बतसिंह की टीम ने वन्यजीव प्रेमियों के सहयोग से कालीघाटी वनक्षेत्र वनखण्ड भगोड़ा नाल में रैम्पवेल (बेरी) खुदवाई। बेरी खुदने के साथ यहां पानी भी सुलभ हो गया।

पत्रिका ने बताए थे हालात
अरावली की पहाडिय़ों में Kalighati वनक्षेत्र में कम बारिश होने से नदियां और झरने सूखे होने की वजह से उत्पन्न जल संकट के कारण वन्य जीवों के अस्तित्व पर मडराते खतरे को लेकर राजस्थान पत्रिका ने सिलसिलवार समाचार प्रकाशित किए। लम्बे समय से जर्जर पड़ी बेरियों की ओर ध्यान आकर्षित करवाया था। खबर के बाद चेते वनअधिकारियों ने इस ओर सार्थक प्रयास शुरू किए। दानदाता भी आगे आने लगे। दानदाताओं ने पहल करते हुए वन विभाग के अधिकारियों से अनुमति लेकर वन्य प्राणियों के लिए टैंकरों से पानी की व्यवस्था शुरू करवाने की पहल की थी, जो निश्चित समय अंतराल से जारी है। अब जर्जर बेरियों की सुध लेने का सिलसिला शुरू हो गया है। रेम्पवेल खुदने से वन्यजीवों की प्यास बुझााने का स्थाई समाधान होगा।

वन्यजीवों के हलक होंगे तर
जलसंकट को देखते हुए केलवा के दानदाता ने उच्चाधिकारियों से बात की अनुमति के बाद हमने भगोड़ा नाल में लम्बे समय से जर्जर रेम्पवेल की सुध लेकर चिन्हित किया, जहां पानी मिलने की पूरी उम्मीद थी। बेरी की खुदाई हुई तो सहज ही पानी मिल गया। अब इस रेम्पवेल के माध्यम से आस-पास के क्षेत्र के वन्यजीवों को भीषण गर्मी में प्यास बुझाने में राहत मिलेगी। -भगवतसिंह चूंडावत, क्षेत्रिय वन अधिकारी, वाइल्ड लाइफ रेंज, कार्यालय जोजावर (पाली)

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned