scriptWater costs 40 crores, yet you will remain thirsty | पानी का मोल 40 करोड़, फिर भी रहेंगे प्यासे! | Patrika News

पानी का मोल 40 करोड़, फिर भी रहेंगे प्यासे!

पाली शहर के लिए वाटर ट्रेन पर ही चार माह में खर्च करेंगे 18 करोड़
कंटीजेंसी प्लान में भी खर्च होंगे 23 करोड़ से अधिक

पाली

Published: February 18, 2022 01:47:50 am

पाली । पानी अनमोल है। यह पढ़ा तो सभी ने होगा, लेकिन जवाई में पानी सूखने पर इसका मोल जलदाय विभाग ( water supply department ) को पता लग रहा है। जल संकट ( water crisis ) से निजात पाने के लिए जलदाय विभाग ने कंटीजेंसी प्लान ( contingency plan ) तैयार किया है। इसके तहत सोजत, फालना व पाली क्षेत्र के लिए डीएमएफअी व विभाग की ओर से 23 करोड़ रुपए की स्वीकृतियां ली जा चुकी है। इसके अलावा पाली के लिए मार्च अंत या अप्रेल से प्रस्तावित वाटर ट्रेन पर एक फेरे का रेलवे को 3.80 लाख रुपए किराया देना होगा। वाटर ट्रेन (water train) के एक दिन में चार फेरे करने पर 15.20 लाख रुपए खर्च होंगे। जिसका अर्थ है एक माह के 456 लाख रुपए और चार (अप्रेल, मई, जून व जुलाई ) माह के लिए करीब 18 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे। इसके बावजूद लोग अभी तक पानी को लेकर सचेत नहीं है। नलों से पानी व्यर्थ बहता रहता है।
पानी का मोल 40 करोड़, फिर भी रहेंगे प्यासे!
पानी का मोल 40 करोड़, फिर भी रहेंगे प्यासे!
बाणियावास नहीं होता तो गहरा जाता संकट

पाली में इस बार बाणियावास संकट मोचक बना है। इस बांध में आए पानी को किसानों ने पूरा पेयजल के लिए दे दिया था। इस पर जलदाय विभाग ने कंटीजेंसी प्लान में वहां से जाडन तक पाइप लाइन बिछाई और पाली शहर के लिए जलापूर्ति शुरू की। इस कारण अभी तक जल संकट नहीं आया है। अब विभाग इस बांध के सीपेज को रोकने के साथ ही पानी का अधिक से अधिक उपयोग करने की योजना पर कार्य कर रहा है।
जिले में खुदेंगे 70 से अधिक ट्यूबवेल

बांधों में पानी नहीं होने के कारण भूजल का उपयोग करने की कवायद जारी है। इसके तहत सोजत व जैतारण क्षेत्र में कंटीजेंसी प्लान के तहत 70 ट्यूबवेल व 8 ओपन वेल खोदे जा रहे है। उन पर पाइप लाइन व पम्प आदि लगाए जा रहे है। इसके अलावा 65 से अधिक पुरानी जलस्रोतों का पानी उपयोग में लेने की कवायद भी की जा रही है। पाली क्षेत्र के लिए भी कंटीजेंसी प्लान के तहत पुराने जलस्रोतों व नए ट्यूबवेल आदि का कार्य किया जा रहा है।
लोगों को समझना चाहिए मोल
आमजन को पानी का मोल समझना चाहिए। पानी का मितव्ययता से उपयोग करने पर ही बरसात आने तक पानी की किल्लत से बचा जा सकता है। विभाग की ओर से पेयजल संकट नहीं आए, इसके लिए पूरे प्रयास किए जा रहे है। स्थानीय जलस्रोतों से भी जलापूर्ति की जाएगी।
मनीष माथुर, अधीक्षण अभियंता, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, पाली

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

1119 किलोमीटर लंबी 13 सड़कों पर पर्सनल कारों का नहीं लगेगा टोल टैक्सयहाँ बचपन से बच्ची को पाल-पोसकर बड़ा करता है पिता, जैसे हुई जवान बन जाता है पतिशुक्र का मेष राशि में गोचर 5 राशि वालों के लिए अपार 'धन लाभ' के बना रहा योगराजस्थान के 16 जिलों में बारिश-आंधी व ओलावृ​ष्टि का अलर्ट, 25 से नौतपाजून का महीना इन 4 राशि वालों के लिए हो सकता है शानदार, ग्रह-नक्षत्रों का खूब मिलेगा साथइन बर्थ डेट वालों पर शनि देव की रहती है कृपा दृष्टि, धीरे-धीरे काफी धन कर लेते हैं इकट्ठा7 फुट लंबे भारतीय WWE स्टार Saurav Gurjar की ललकार, कहा- रिंग में मेरी दहाड़ काफीशुक्र देव की कृपा से इन दो राशियों के लोग लाइफ में खूब कमाते हैं पैसा, जीते हैं लग्जीरियस लाइफ

बड़ी खबरें

जापान में पीएम मोदी का जोरदार स्वागत, टोक्यो में जापानी उद्योगपतियों से की मुलाकातज्ञानवापी मस्जिद मामलाः सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई एक और याचिका, जानिए क्या की गई मांगऑक्सफैम ने कहा- कोविड महामारी ने हर 30 घंटे में बनाया एक नया अरबपति, गरीबी को लेकर जताया चौंकाने वाला अनुमानसंयुक्त राष्ट्र की चेतावनी: दुनिया के पास बचा सिर्फ 70 दिन का गेहूं, भारत पर दुनिया की नजरसिद्धू की जिद ने उन्हें पहुंचाया अस्पताल, अब कोर्ट में सबमिट होगी रिपोर्टबिहार में भीषण सड़क हादसा, पूर्णिया में ट्रक पलटने से 8 लोगों की मौतश्रीनगर पुलिस ने लश्कर के 2 आतंकवादियों को किया गिरफ्तार, भारी संख्या में हथियार बरामदGood News on Inflation: महंगाई पर चौकन्नी हुई मोदी सरकार, पहले बढ़ाई महंगाई, अब करेगी महंगाई से लड़ाई
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.