यहां लाखों खर्च फिर भी बूंद-बूंद के लिए पड़ता है तरसना, 24 घंटे पेयजल योजना पर सवाल

यहां लाखों खर्च फिर भी बूंद-बूंद के लिए पड़ता है तरसना, 24 घंटे पेयजल योजना पर सवाल

Ramesh Sharma | Publish: Apr, 17 2019 05:45:01 PM (IST) Pali, Pali, Rajasthan, India

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पाली। जिले में वर्ष 2015 से लेकर अब तक लगातार जवाई का गला घोंटकर उसका पानी गांवों व कस्बों में पहुंचाया जा रहा है। शहर में 24 घंटे जलापूर्ति की पाइप लाइन बिछाई जा रही है। आरयूआइडीपी शहर के 180 किमी क्षेत्र में 24 घंटे जलापूर्ति का दावा भी कर रहा है, लेकिन जिले में सबसे अधिक पेयजल संकट का सामना करने वाले रोहट क्षेत्र के गांवों व कस्बों में पानी को लेकर कोई ठोस योजना अब तक मूर्त रूप नहीं ले सकी है। आज हालात यह है कि रोहट क्षेत्र के 10 गांवों व 10 ढाणियों में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को एक बार फिर 8 अप्रेल से टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करवानी पड़़ी है। इसके बावजूद उस क्षेत्र के कई गांवों व ढाणियों में जल संकट गहराया हुआ है।

महज 30 लीटर पानी प्रतिदिन
रोहट क्षेत्र के जिन दस गांवों व ढाणियों में टैंकरों से जलापूर्ति शुरू की गई है। वहां 30 लीटर पानी प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दिया जा रहा है। इसके अलावा मवेशियों के लिए टैंकरों से जीएलआर के पास बनी खेलियों को भरवाया जा रहा है, लेकिन वह पानी मवेशियों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा ही साबित हो रहा है।

जैतपुर तक मांग से कम पहुंच रहा पानी
मंडली से रोहट के जैतपुर से पाइप लाइन बिछाई गई थी। इस पाइप लाइन के बिछने पर रोहट क्षेत्र में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति होने का दावा भी किया गया था, लेकिन स्थिति यह है कि वहां मांग से 15-20 लाख लीटर पानी कम दिया जा रहा है। इस कारण पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा है। इसके पीछे कारण यह बताया जा रहा है कि जवाई में पानी की कम है।

पीने योग्य नहीं पानी
रोहट क्षेत्र में भूमिगत जल की मात्रा बहुत कम है। जहां पानी है वह पीने योग्य नहीं है। उसमें लोराइड की मात्रा बहुत अधिक है। इस कारण उसका उपयोग साफ-सफाई में ही किया जा सकता है। ऐसे में ग्रामीण पूरी तरह से जलदाय विभाग की ओर से दिए जाने वाले पानी पर ही निर्भर है।

जैतपुर से आगे अब बिछेगी पाइप लाइन
जैतपुर से आगे पाइप लाइन बिछाने के लिए जलदाय विभाग की ओर से टेंडर किए गए थे। इस पर अगस्त 2018 में इसके वर्क ऑर्डर जारी किए गए। इस कार्य को पूरा करने के लिए दो वर्ष का समय दिया गया है और अभी तक वर्क ऑर्डर जारी हुए आठ माह ही हुए है।

टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करवाई
नलों सें जलापूर्ति 72 घंटे के अंतराल से की जा रही है। रोहट क्षेत्र में मवेशियों की संख्या अधिक है। इस कारण पानी की मांग अधिक रहती है। इसे देखते हुए हमने दस गांवों व दस ढाणियों में टैंकरों से जलापूर्ति शुरू करवाई है। -राजेश अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जलदाय विभाग, पाली

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