बालिका बोली, साहब! स्कूल जाते समय लडक़े पीछा करते हैं, क्या करें, थानाधिकारी ने कहा - कार्रवाई करेंगे

- वर्चुअल मिटिंग में महिलाएं, युवतियां व बालिकाएं खुलकर बोली
- थानाधिकारी ने कहा- महिलाएं खुलकर करें शिकायत

By: Suresh Hemnani

Published: 11 Apr 2021, 11:59 AM IST

पाली/बगड़ी नगर/सोजत रोड। राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे पुलिस-पब्लिक संवाद सेतु कार्यक्रम के तहत शनिवार को बगड़ी नगर थाना क्षेत्र की महिलाएं, युवतियां, किशोरियां व बालिकाओं से पुलिस का वर्चुअल संवाद कार्यक्रम हुआ। इसमें महिलाओं व किशोरियों ने खुलकर पुलिस के समक्ष अपने विचार व शिकायतें रखी। बगड़ी थानाधिकारी बाबूलाल जांगिड़ ने उनका समाधान करते हुए महिलाओं को आगे आने व बदमाशों की शिकायत करने में हौंसला दिखाने की बात कही। इस मीटिंग में कई मुद्दे सामने आए। इसके समाधान का जांगिड़ ने आश्वासन दिया। थानाधिकारी ने यह भी कहा कि महिलाएं शक्तिशाली होती है, वे घबराए नहीं। अपनी शक्ति को पहचानें।

घबराएं नहीं, पुलिस करेगी मदद
महिलाएं दुर्गा, सरस्वती व लक्ष्मी का रूप है, उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानना चाहिए। महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की ड्यूटी है। पुलिस परिवार के सदस्य के रूप में महिलाओं के साथ खड़ी है। किसी महिला या बालिका के साथ अनुचित व्यवहार होता है तो पुलिस से सम्पर्क करें। हर थाने में महिलाओं की समस्याएं सुनने के लिए महिला डेस्क मौजूद है, जहां महिलाएं खुलकर अपनी बात रख सकती है। वे घबराएं नहीं। - बाबूलाल जांगिड़, थानाधिकारी, बगड़ी नगर

अच्छा व्यवहार करें
पुलिस पीडि़ता के साथ अच्छा व्यवहार करें, ताकि सहजता से अपनी बात रखी जा सके। -अंजू जांगिड़, सामाजिक कार्यकर्ता

महिला डेस्क सराहनीय
पुलिस महिलाओं के साथ सहजता से पेश आए, ताकि महिलाएं बिना डरे अपनी बात बता सके। थाने में महिला डेस्क होना सराहनीय कदम है। - ज्योतिका राठौड़, छात्रा

स्कूल में करें मीटिंग
स्कूल से निकलते समय लडक़े गेट पर खड़े रहते है। वे हमारा पीछा करते है। हमारे पास शिकायत नम्बर नहीं है। ऐसे में कहां शिकायत करें। आपको स्कूल स्टाफ व परिजनों के साथ मीटिंग करनी चाहिए। - दिव्या राठौड़, बालिका बगड़ी नगर

ताकि महिलाएं जागरूक हो
अक्सर महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकार होती है। उन्हे घरेलू हिंसा के प्रति क्या कदम उठाना चाहिए। सर्वप्रथम कहां शिकायत करे। पुलिस इसकी जानकारी समय समय पर दिलाने का कष्ट करे, ताकि महिलाएं जागरूक हो। - शिला शर्मा, योग शिक्षक, पिपलाद

दूर होनी चाहिए झिझक
पुलिस ऐसी व्यवस्था करे कि कोई भी महिला आसानी से थाने पहुंच सके, उसके मन में झिझक नहीं हो। -चंचल भाटी, कॉलेज विद्यार्थी

शराबियों का जमावड़ा
रात के समय गांव के विभिन्न चौराहों पर शराबियों का जमावड़ा रहता है। महिलाओं को वहां से गुजरते समय असजहता महसूस होती है। पुलिस को ऐसे के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। - ममता सीरवी, पंचायत समिति सदस्य, बगड़ी नगर

ऐसा मंच मिलना चाहिए
ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को खुलकर बोलने का मौका मिले, इस तरह का मंच मिलना चाहिए। पुलिस गश्त बढ़ेगी तो महिलाएं सुरक्षित महसूस करेगी। - पुलकित राव, सामाजिक कार्यकर्ता

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