कोरोना के कारण कम्बल की फैक्ट्री बंद, देसी घी बनाना लगे, मिलावट के शक में छापा

अदृश्य कोरोनावायरस ने तमाम लोगों को जमीन पर ला पटका है। जो व्यापारी हरियाणा के पानीपत में कम्बल बनाने की फैक्ट्री चला रहे थे, वे भी निपट गए।

By: Bhanu Pratap

Published: 07 Sep 2020, 08:09 PM IST

पानीपत। अदृश्य कोरोनावायरस ने तमाम लोगों को जमीन पर ला पटका है। जो व्यापारी हरियाणा के पानीपत में कम्बल बनाने की फैक्ट्री चला रहे थे, वे भी निपट गए। ऐसे ही एक व्यापारी ने कम्बल का काम बंद करके वनस्पति तेल और देसी घी बनाने का काम शुरू कर दिया। आरोप है कि नुकसान की भरपाई के लिए घी में मिलावट करने लग गए। फैक्ट्री पर छापामारी की गई। नमूने भरे गए हैं। अब करीब 20 दिन बाद पता चलेगा कि घी में मिलावट है या नहीं।

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छह माह पहले लिया था लाइसेंस

खटीक बस्ती की मुख्य रोड पर शास्त्री कॉलोनी में जय दुर्गा ट्रेडिंग कंपनी है। इसके मालिक पहले कम्बल और चादर बनाने का काम करते थे। काम ठीकठाक चल रहा था। कोरोना के कारण लॉकडाउन लग गया। मजदूर भाग गए। काम बंद हो गया। फिर उन्होंने छह माह पहले वनस्पति तेल बनाने का लाइसेंस ले लिया। इससे पहले 2018 में देसी घी बनाने का लाइसेंस ले रखा था। लॉकडाउन से थोड़ी राहत मिली तो दोनों काम एक साथ शुरू कर दिए।

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नमूने लिए, जांच 20 दिन बाद

इस बीच किसी ने शिकायत कर दी कि देसी की नकली बनाया जा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री के उड़नदस्ता ने सोमवार को पूर्वाह्न 11 बजे से शाम छह बजे तक छापमारी की। 7 घंटे तक चली कार्रवाई में टीम ने 11 प्रकार के अलग-अलग सैंपल भरे। टीम का नेतृत्व कर रहे सीएम फ्लाइंग के अधिकारी श्रीपाल और खाद्य निरीक्षक अधिकारी श्याम लाल ने बताया कि 20 से 22 दिनों तक ही जांच रिपोर्ट आ पाएगी। उसके बाद ही पता चलेगा कि घी मिलावटी है या नहीं। छापामारी में देशी घी के 2 व वनस्पति ऑयल के एक ब्रांड के सैंपल भरे गए। फैक्ट्री मालिक ऑनलाइन व ऑफ लाइन दोनों प्रकार से घी बेचता है।

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