कोरोना लाया है इनके लिए खुशियों का पैगाम

कोरोना वायरस ( Corona virus ) एक तरफ जहां मौत का तांडव मचा रहा है, लोगों में दहशत फैला रहा है, वहीं एक वर्ग ऐसा भी है, जिसके लिए खुशियों की सौगात ( Corona bring happiness ) लेकर आया है। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court Order ) के फैसले के बाद हरियाणा सरकार ने सामान्य ( Haryana will release prisoners ) अपराध के आरोपियों की सजा में छूट और पैरोल देने का निर्णय लिया है।

By: Yogendra Yogi

Updated: 25 Mar 2020, 07:57 PM IST

(संजीव शर्मा) पानीपत: कोरोना वायरस ( Corona virus ) एक तरफ जहां मौत का तांडव मचा रहा है, लोगों में दहशत फैला रहा है, वहीं एक वर्ग ऐसा भी है, जिसके लिए खुशियों की सौगात ( Corona bring happiness ) लेकर आया है। कोरोना इस वर्ग के लिए खुली हवा में सांस और परिवार का सुख लेकर आया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court Order ) के फैसले के बाद हरियाणा सरकार ने सामान्य ( Haryana will release prisoners ) अपराध के आरोपियों की सजा में छूट और पैरोल देने का निर्णय लिया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पालन
कोरोना वायरस के संक्रमण के चलते सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले के बाद हरियाणा सरकार ने ऐसे साधारण प्रकृति के अपराधों में बंद ऐसे कैदियों की जिनका आचरण अच्छा रहा है और सजा की अवधि भी कम रह गई, उनकी सजा को तीन माह के माफ करने का फैसला किया है। जेल में अच्छे आचरण वाले कैदी बंदियों को उनकी योग्यता अनुसार पंजाब जेल मैनुअल में वर्णित प्रावधान के अनुसार दो महीने तक महानिदेशक कारागार तथा एक महीने तक जेल अधीक्षक द्वारा विशेष माफी दी जाएगी। यह माफी गंभीर अपराधों में सजायाफ्ता कैदी बंदियों को नहीं दी जाएगी।

वीडियो कांफ्रेंसिंग
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट एवं हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी चेयरमैन के राजीव शर्मा की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से बैठक हुई। जिसमें जेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन और महानिदेशक कारागार हरियाणा के. सेलवारज समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

विशेष पैरोल
हरियाणा के जेल मंत्री चौधरी रणजीत सिंह ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जो कैदी पहले से ही पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर है उनकी चार सप्ताह की विशेष पैरोल बढ़ाई जाएगी। जिन कैदियों ने एक पैरोल या एक फरलो शांतिपूर्ण व्यतीत करके समय पर जेल में वापसी की थी उन्हें भी छह सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी।

गंभीर अपराधी शामिल नहीं
उन्होंने बताया कि जिन कैदियों की आयु 65 वर्ष से अधिक है और वह एक से अधिक केसों में संलिप्त नहीं है और अधिक मात्रा में मादक पदार्थ के केस या धारा 379 बी, पोस्को एक्ट, बलात्कार, एसिड अटैक जैसे मामले में सजायाफ्ता नहीं है, उन्हें भी अच्छे आचरण के आधार पर छह सप्ताह की विशेष पैरोल दी जाएगी। लेकिन इसमें विदेशी कैदियों को शामिल नहीं किया गया है।

जमानत और पैरोल मिलेगी
जेल मंत्री ने बताया कि जिन कैदियों की सजा सात वर्ष से अधिक नहीं है तथा कोई भी केस अदालत में लंबित नहीं है। उनके लिए भी जेल में अच्छा आचरण होने पर छह से आठ सप्ताह तक की विशेष पैरोल का प्रावधान रखा गया है। बैठक में कैदियों के साथ-साथ हवालाती बंदियों के लिए भी जमानत पर रिहा करने का प्रावधान रखा गया है। रणजीत सिंह के अनुसार सात वर्ष तक की सजा के अपराध में बंद हवालातियों को शर्तों के आधार पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश या मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी द्वारा जमानत पर रिहा किया जाएगा या फिर 45 से 60 दिन तक की अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाएगा।

जेलों में आपात इंतजाम
जेल मंत्री रणजीत सिंह ने कहा की कोरोना जैसी महामारी को देखते हुए हरियाणा की जेलों में भी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जेल में बंद कैदियों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जाए। रणजीत सिंह ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निदेर्शों का पालन करते हुए कैदियों और बंदियों के लिए मानवीय आधार पर बड़े फैसले लिए गए हैं ताकि जेलों में कैदियों के दबाव को कम किया जा सके और एहतियातन किसी भी स्थिति में कानून-व्यवस्था का पालन करते हुए अगर प्रसाशन द्वारा गिरफ्तारियां होती है तो उनके लिए जेलों में जगह की उपलब्धि को सुनिश्चित किया जा सके।

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