बैंक डकैती की सबसे बड़ी वारदात का खुलासा, 52 लाख रुपये और 81 ग्राम सोना बरामद

यूपी और हरियाणा के बदमाशों ने लूटे थे दो करोड़ के जेवरात और दो लाख रुपये नकद

जुए में 5 लाख रुपये हारने के बाद दाउद ने बनाई थी लूट की योजना

By: Bhanu Pratap

Updated: 20 Jul 2020, 07:52 PM IST

पानीपत। सनोली रोड पर भीमगोडा मंदिर चौक के पास स्थित आईआईएफएल गोल्ड लोन ऑफिस (बैंक) में दिनदहाड़े डकैती का खुलासा हो गया है। वारदात को अंजाम देने वाले पांच आरोपियों को जिले की सीआईए-4 पुलिस टीम ने काबू किया है। आरोपियों के कब्जे से 52 लाख 25 हजार रुपये की नकदी, 81.310 ग्राम ज्वेलरी, एक स्विफ्ट कार, वारदात में प्रयुक्त बाइक व 3 देसी पिस्तौल बरामद की गई हैं। 2018 में आरोपी करीब 2 करोड़ रुपये कीमत की ज्वेलरी व 2 लाख रुपये की नकदी लूटकर ले गये थे। पुलिस महानिदेशक हरियाणा ने वारदात के आरोपियों के बारे में सूचना देने वाले को दो लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की थी।

लुटेरे यूपी और हरियाणा के

पकड़े गए आरोपियों की पहचान दाउद पुत्र यासीन निवासी रोशनपुरा सहारनपुर यूपी, इमरान पुत्र गयूर निवासी आलदी जिला शामली यूपी हाल किरायेदार शांति नगर पानीपत, बिजेन्द्र उर्फ बिन्द्र पुत्र किशनचंद निवासी बाम्बरहेडी जिला करनाल हाल भारत नगर पानीपत, राजीव उर्फ जेपी पुत्र जिले सिंह निवासी थूआ (छातर) जिला जीन्द व सन्नी उर्फ डाक्टर पुत्र प्रेमसिंह निवासी सिम्भालखा शामली यूपी हाल निवासी बबैल रोड पानीपत के रूप में हुई।

2018 में हुई थी वारदात

उप-पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सतीश कुमार ने आज लघु सचिवालय के तृतीय तल पर स्थित पुलिस विभाग के सभागार मे प्रेसवार्ता कर बताया कि पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी के निर्देशन में सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर व उनकी टीम ने सनोली रोड़ पर भीमगोडा मंदिर चौक के पास स्थित आई.आई.एफ.एल गोल्ड लोन ऑफिस (बैंक) में 29 जनवरी, 2018 को सुबह 10 बजे हुई करीब 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की डकैती की वारदात का पर्दाफाश किया है। उक्त वारदात जिले की अब तक की सबसे बड़ी बैंक डकैती की वारदात थी।

गुप्त सूचना पर पकड़े

उन्होंने बताया कि सीआईए-3 पुलिस को बीते मंगलवार को सूचना मिली थी की वर्ष 2018 में सनोली रोड पर भीमगोडा मंदिर चौक के पास गोल्ड लोन (बैंक) मे डकैंती की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश सेक्टर-29 में कृष्णा गार्डन के पास चौधरी क्लीनिक पर एकत्रित होकर किसी अन्य बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस विशेष सूचना के आधार पर सीआईए-3 प्रभारी इंस्पेक्टर अनिल छिल्लर ने एक टीम गठित की, जिसमें सब-इंस्पेक्टर हरिप्रकाश, एएसआई कृष्ण, मुख्य सिपाही बलिन्द्र, मुख्य सिपाही डिम्पी, मुख्य सिपाही रविन्द्र, मुख्य सिपाही बिजेन्द्र, मुख्य सिपाही जितेन्द्र व सिपाही सहदेव, सिपाही प्रवेश व सिपाही संजय को शामिल किया गया। दबिश देकर पांचों आरापियों को काब किया गया।

आरोपियों ने बैंक डकैती स्वीकारी

आरोपियों बैंक डकैती को स्वीकार किया। वारदात के बारे में आई.आई.एफ.एल गोल्ड लोन ऑफिस में तैनात अकाउंटेंट सोनिया निवासी सेक्टर-13/17 पानीपत की शिकायत पर भा.दं.स की धारा 379बी,34 व आर्म्स एक्ट 25-54-59 के तहत मुकदमा नंबर 61/18 दर्ज है। लूटे गए जेवरात व नगदी बरामद करने के लिए पांचों आरोपियों को न्यायालय मे पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया।

कैसे बनाई लूट की रणनीति

रिमांड के दौरान आरोपियों से पुछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टर माइंड आरोपी दाउद जुए में 5 लाख रुपये हार गया था। उसने 5 लाख रुपये का कर्ज उतारने के लिए साथियों के साथ योजना बनाई और सभी ने आई.आई.एफ.एल गोल्ड लोन आफिस मे डकैती की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी दाउद करीब 4 साल पहले परिवार सहित पानीपत के मनमोहन नगर मे किराये का कमरा लेकर रहता था और एक फैक्टरी मे काम करता था। कर्ज ज्यादा होने के कारण वह परिवार सहित पानीपत से अपने गांव रोशनपुरा जिला सहारनपुर यूपी चला गया था। इसके बाद वह बीच-बीच में आरोपी सन्नी उर्फ डॉक्टर व इमरान से पानीपत मे मिलने के लिए आता रहता था, जो उसके अच्छे दोस्त थे। आरोपी सन्नी उर्फ डॉक्टर ने बिजेन्द्र के घर के डॉक्टर की दुकान की हुई थी। आरोपी बिजेन्द्र का मामा राजीव निवासी थूआ (छातर) जिला जीन्द भी उनके पास आता जाता रहता था। आरोपियों ने शार्टकट तरीके से पैसे कमाने के लिए डैकेती डालने की योजना बनाई और सनोली रोड़ पर भीमगोडा चौक के पास स्थित आई.आई.एफ.एल गोल्ड लोन के ऑफिस (बैंक) को चिन्हित कर रैकी की। वारदात के दौरान आरोपियो ने मास्क व हेल्मेट से चेहरे को ढका हुआ था। कर्मचारियों को बंधक बनाने के लिए रस्सी भी साथ लेकर आए थे।

दो को जेल भेजा, तीन को पुलिस रिमांड पर लिया

आरोपियों ने अपने-अपने हिस्से मे आई लूट के जेवरात को बेच दिया था। आरोपी दाउद के पास बची हुई राशि 12 लाख रुपये, आरोपी इमरान से 14 लाख व 81.310 ग्राम ज्वेलरी, आरोपी बिजेन्द्र से 15 लाख व जेवरात बेचकर उक्त पैसों से खरीद गई एक स्विफ्ट कार, अरोपी सन्नी से 1 लाख 25 हजार व आरोपी राजीव से 10 लाख रुपये की राशि बरामद हुई। रिमांड अवधि पूरी होने पर आरोपियों को न्यायालय मे पेश कर दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत जेल भेजा गया। तीन आरोपियों से गहनता से पुछताछ करने के लिए 5 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया।

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