प्लॉट पर निर्माण को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

अगर विक्रय पत्र में उल्लेख नहीं है तो डेवलपर सड़क पर दावा नहीं कर सकता

By: Bhanu Pratap

Published: 28 May 2020, 07:15 PM IST

पानीपत/चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab-Haryana High Court) ने प्लॉट और उस पर बनने वाले मकान (Construction on plot) के संबंध में बड़ा फैसला सुनाया है। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में खरीदार (Buyer) और डेवलपर (Developer) की ओर से अपील दाखिल की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा कि बिल्डर (builder) प्लॉट पर निर्माण करने के बाद पहली मंजिल पर जो प्लॉट के साइज को छत पर बड़े छज्जे निकालकर बड़ा कर लेते हैं, अब वह नहीं कर सकेगा। साफ है कि अब ग्राउंड लेवल (Ground level)से पहली मंजिल (First floor) पर छत का विस्तार करके प्लॉट में वृद्धि नहीं की जा सकेगी। ये फैसला उस समय सामने आया है जब आमतौर पर बालकनी, संरचनात्मक कैनोपी का सड़कों पर अवैध निर्माण दिखाई देता है।

नहीं बना सकते हैं बालकनी

बता दें कि जो लोग घरों के प्लॉट को बढ़ाने के लिए अपने घर की जमीनी स्तर से ऊपर की मंजिलों का विस्तार करते थे। वो अब पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के बाद ऐसा नहीं कर सकेंगे। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि प्लॉट साइज के बाहर किसी भी तरह की बालकनी और कमरे अब नहीं बनाए जा सकेंगे।

सड़क पर अधिकार नहीं

न्यायामूर्ति अनिल क्षेत्रपाल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एक खरीदार और मालिक को उसकी ओर से खरीदे गए क्षेत्र की पहली मंजिल के अलावा निर्माण करने का और कोई अधिकार नहीं है। जब वो किसी सार्वजनिक स्थल पर हो। इसके अलावा डेवलपर जिसने मार्केट का निर्माण करते हुए एक सड़क बनाई है और सेल डीड में उसका उल्लेख नहीं किया तो वो किसी भी तरह से उस मार्ग पर अन्य अधिकार नहीं जता सकता है।

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