जिले में साप्ताहिक बाजार के दिन भी नहीं खुला कृषि कार्यालय, प्राइवेट दुकानों से महंगे बीज लेने को मजबूर किसान

बाजार से महंगा व अमानक बीज खरीदने को मजबूर किसान

सलेहा. आदिवासी बहुल क्षेत्र सलेहा में किसानों को खाद-बीज के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इसकी प्रमुख वजह कृषि विभाग के अफसरों की अनदेखी बताई जा रही है। उनकी मनमानी की स्थिति ये है कि साप्ताहिक बाजार के दिन कृषि विभाग का कार्यालय नहीं खोला गया। जबकि, इस दिन यहां क्षेत्रभर से हजारों किसान इस उम्मीद के साथ पहुंचते हैं कि अनुदान पर शासन से मिलने वाला बीज मिल जाएगा, लेकिन बीज मिलना तो दूर कार्यालय ही नहीं खोला गया। जिस कारण उन्हें मजबूरन बाजार से महंगे दाम पर बीज खरीदकर बुवाई करनी पड़ रही है। कई किसान तो देर शाम तक इंतजार करते रहे। मार्केट से खरीदा गया बीज महंगा तो होता है, अमानक होने का भी डर बना रहता है।

किसानों की शिकायत पर अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
गौरतलब है कि इन दिनों बुवाईका सीजन चल रहा है। बड़ी संख्या में किसानों को बीज की अवश्यकता है। क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के कारण किसानों के पास इतने रुपए नहीं होते हैं कि वे मार्केट से महंगा अनाज खरीद सकें। इसीलिए दूर-दूर से लोग साप्ताहिक बाजार के दिन आते हैं। इससे वे मार्केट से खरीदारी भी कर सकेंगे और कृषि विभाग के कार्यालय से बीज भी खरीद सकेंगे। लेकिन यहां बीते कईदिनों से कृषि विभाग के कार्यालय में ताला लगा हुआ है।

निजी दुकानों से बीज खरीदने को मजबूर किसान
बीज खरीदने के लिए पहुंचे रामप्रसाद आदिवासी ,मंटोला आदिवासी, जगदीश आदिवासी ने बताया गेहूं का बीज लेने को कई दिनों से भटक रहे हैं। कृषि विस्तार अधिकारी नदारद है और हम लोगों के खेत बीज नहीं मिलने से खराब हो रहे हैं। हमारी समस्या की ओर ना तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ध्यान दिया जा रहा है और न ही जनप्रतिनिधि द्वारा। किसी भी तरह से इन लापरवाह अधिकारियों पर लगाम लगाने का कोई प्रयास किया जा रहा ।

कर्मचारी छुट्टी में है
गुनौर के कृषि विभाग के एसएडीओ राम गोपाल राय ने बताया कि आज मैं सलेहा गया था। वहां जो लोकल कर्मचारी पदस्थ हैं वह छुट्टी में है। कृषक मित्र को बोला है कि वह सरपंचों को सूचना देकर बीज वितरण करवाए।

Anil singh kushwah
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