वन अफसरों से शिकायत, रेंजर ने इंडियन सिवेट को मरवाकर बेचे अंग

एपीसीसीएफ और एफडी से की शिकायत, जांच कराए जाने की मांग
कस्तूरी मृग के समान थैली पाए जाने से कस्तूरी की बढ़ती मांग को करता है पूरा
यूनिस्को की रेड लिस्ट में है दर्ज है रेड सिवेट

पन्ना. पन्ना टाइगर रिजर्व के बफर जोन मढिय़ादो में दुर्लभ प्रजाति के इंडियन सिविट (गंध बिलाव) को रेंजर द्वारा मरवाकर फेकने और फिर रात को उसके अंगों को बेचे जाने के गंंभीर आरोप लगाए गए हैं। रेंज क्षेत्र के उदयपुरा बीट के गार्ड द्वारा ही मामले का खुलासा किए जाने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। बीट गार्ड ने अपने वरिष्ट अधिकारी के ही खिलाफ पीसीसीएफ, एपीसीसीएफ, एफडी पीटीआर और डीडी पन्ना टाइगर रिजर्व से लिखित शिकायत की है। उक्त शिकायत सामने आने के बाद पूरे टाइगर रिजर्व में हड़कंप मचा हुआ है साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच की कलह भी खुलकर सामने आ रही है। इन हालातों में आशंका जताई जा रही है कि पन्ना टाइगर रिजर्व में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।


मढिय़ादो रेंज के बीट गार्ड की ओर से की गई शिकायत में बताया गया कि मढिय़ादो बफर के रेंजर द्वारा उनके बीट उदयपुरा में दुर्लभ प्रजाति के इडियन सिवेट (गंधबिलाव) को मरवाकर फिकवा दिया गया। आरोप है कि इसके बाद रात में रेंजर द्वारा इस दुर्लभ प्रजापति के जीव को कहीं ले जाकर इसके अंगों को बेच दिया गया। शिकायत में जहां इंडियन सिवेट को मारा गया और जहां पर फेका गया था वहां की जीपीएस रीडिंग में अक्षांश और देशांतर की जानकारी भी दी गई है। संबंधित बीट गार्ड द्वारा ही अपने वरिष्ट अधिकारियों पर दुर्लभ प्रजाति के वन्यजीव के अंगों के बेचे जाने का आरोप लगाने से मानो पूरे जंगल विभाग में खलबली मच गई है। यह खबर पन्ना-दमोह से लेकर भेापाल तक चर्चा में है।


सामने आई अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच की कलह
उक्त घटना क्रम को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला भी चल निकला है। इससे पन्ना टाइगर रिजर्व में वरिष्ट अधिकारियों और मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों के बीच की कलह खुलकर सामने आई है। यदि जांच के बाद यह घटना सत्य पाई जाती है तो यह वन्य जीवों का दुर्भाग्य ही होगा की उनकी रक्षा का जिम्मा उठाने वाले ही उनके भक्षक बने हुए हैं। ऐसे हालात में उनकी रक्षा कौन करेगा यह बड़ा सवाल है।


यूनिस्को की रेड सूची में दर्ज
इडियन सिवेट (गंधबिलाव) यूनेस्को की रेड सूची में दर्ज है। जैसा की नाम से ही प्रतीक हो रहा है कि विशेष प्रकार की गंध वाला बिलाव अर्थात बिल्ली। इसमें वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट इंद्रभान सिंह बुंदेला ने बताया गंध बिलाव के जिगचुम प्रजाति को छोड़कर शेष सभी नर व मादा के प्रजनन अंगों के पास कस्तूरी मृग के समान एक थौली पाई जाती है। जिसमें कस्तूरी जैसा पदार्थ भरा रहता है। विश्व में बढ़ती कस्तूरी की मांग को गंध बिलाव ने ही पूरा किया है। इसकी यही विशेषता इसके जीवन के लिए भी खतरा बनी हुई हुई है। इसी कारण इसे यूनेस्को की रेड सूची में कंसर्न के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।



उदयपुर बीट गार्ड पर कई प्रकार की अनियमितताओं के आरोप हैं। जिनको लेकर मैने उसकी वेतन काटने के लिए लिखा था। संभवतया इसी कारण से बीट गार्ड द्वारा झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
एचएच भागर्व, रेंजर मढिय़ादो, पन्ना टाइगर रिजर्व बफर


रेंजर ऐसा नहीं कर सकते हैं। जरूर दोनों के बीच किसी मामले को लेकर विवाद होगा। इसी कारण से शिकायत की जा रही है। हालांकि अभी तक मुझे शिकायत नहीं मिली है।
केएस भदौरिया, फील्ड डायरेक्टर पन्ना टाइगर रिजर्व

Shashikant mishra Bureau Incharge
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