विधानसभा चुनाव को लेकर बरसे किसान

विधानसभा चुनाव को लेकर बरसे किसान

By: Bajrangi rathore

Published: 15 Nov 2018, 01:12 AM IST

पन्ना। जिले का किसान आवारा मवेशियों की समस्याओं से जूझ रहा है। खाद-बीज और सिंचाई के लिए बिजली की व्यवस्था दरुस्त नहीं है। भावांतर का भंवर किसानों को अभी तक समझ में ही नहीं आया है। चुनाव के चक्कर में समर्थन मूल्य पर केंद्रों में भी खरीदी भी ठप पड़ी है। अब किसान व्यापारियों को मनमानी कीमत पर अनाज बेचने को मजबूर है। किसान इन्हीं सब समस्याओं से छुटकारा पाना चाहता है।

आवारा मवेशियों से मिले छुटकारा

गुलजारी लाल, किसानों के लिए आवारा मवेशी और शाकाहारी वन्य प्राणी बड़ी समस्या बन गए हैं। मवेशियों के कारण किसानों की ख्ेातों में लहलहा रही फसलें कुछ ही घंटों में नष्ट हो जाती हैं। यह लंबे समय से समस्या है।

बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जाए

रमेश लोधी, किसान खेतों में अनाज तो बो देता है, लेकिन उसे सिंचाई के लिय पर्याप्त बिजली नहीं मिलती है। ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद महीनों तक नहीं बदले जाते हैं। जिससे समय से पानी नहीं मिलने से फसल सूख जाती हैं।


खाद-बीज के लिए भटकते

सेवालाल पटेल, किसानों को बुवाई के समय खाद-बीज भी नहीं मिल पाता है। बिजली की समस्या के कारण लहलहाती फसलें सूख जाती हैं। जिससे किसान हजारों के कर्ज में डूब जाता है। सरकार द्वारा किसानों के लिए प्राथमिकता के आधार पर बिजली का प्रबंध नहीं किया गया है। इससे किसान परेशान है।

उर्दा के कम दाम दे रहे हैं व्यापारी

भोपाल सिंह, सरकार ने रजिस्ट्रेशन तो करा लिया था, लेकिन उर्दा की खरीदी नहीं हो रही है। अब किसान कम कीमत पर व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं।

महंगे खाद-बीज की समस्या

गजेंद्र सिंह, खेती की लागत दिनों दिन बढ़ रही है। किसानों के लिए महंगे खाद-बीज और डीजल आदि खरीदना मुश्किल हो रहा है।

बैंकों में भी परेशान किसान

वासुदेव बुंदेला, खरीदी के बाद समय पर किसानों के बैंक खातों में रुपए नहीं पहुंच रहा है। केसीसी बनाने और लोन देने में बैंकर्स किसानों को बैंक के सैकड़ों चक्कर लगवाते हैं। जिम्मेदार लोग किसानों की समस्या की ओर ध्यान ही नहीं देते हैं। जिससे किसान काफी परेशान है।

Bajrangi rathore Desk
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