scriptlabor day special: Deadly migration, a dozen laborers died in 2 years | Labor day special : जानलेवा हुआ पलायन, दो साल में एक दर्जन मजदूरों की गई जान | Patrika News

Labor day special : जानलेवा हुआ पलायन, दो साल में एक दर्जन मजदूरों की गई जान

एक दशक में पलायन करने वाले मजदूरों की मौत के मामलों में हो रहा इजाफा, प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री के जिले में ही श्रमिकों की सबसे अधिक दुर्दशा, बंधक बनाकर मजदूरी कराने के हर साल सामने आते हैं कई मामले

पन्ना

Published: May 01, 2022 01:09:13 am

पन्ना . मप्र का बुंदेलखंड क्षेत्र सूखा, बेरोजगार और कृषि की खराब हालत के कारण सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता है। इस क्षेत्र के लिए बेरोजगारी के कारण मजदूरों का पलायन सबसे बड़ी समस्या है। इस मामले में पन्ना जिले की स्थिति संभाग में भी सबसे अधिक खराब है। वन-राजस्व सीमा विवाद के कारण रोजगार का सबसे बड़ा साधन हीरा और पत्थर की अधिकांश खदानें बंद हैं। जिले में कोई वृहद औद्योगिक इकाई भी नहीं है। ऐसे में यहां के लोगों को रोजगार के लिए पलायन करना मजबूरी हो गई है। मजदूर वर्ग के लोगों का ठेकेदार भी खूब फायदा उठाते हैं, अच्छी मजदूरी का लालच देकर यहां से बड़ी संख्या में मजदूरों को लेजाते हैं और फिर बंधक बना कर काम करवाते हैं और पैसे भी नहीं देते। ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
labor day special: Deadly migration, a dozen laborers died in 2 years
labor day special: Deadly migration, a dozen laborers died in 2 years
न पलायन कर्ताओं का पंजीयन न ठेकेदारों का
समर्थन संस्था के रीजनल क्वार्डिनेटर ज्ञानेंद्र तिवारी कहते हैं, जिले में अंतरराज्जयी प्रवासी अधिनियम का पालन नहीं हो रहा है। श्रम विभाग या जिले में कहीं भी पलायन करने वालों की जानकारी दर्ज नहीं है। इन्हें लेकर जाने वाले ठेकेदारों का भी जिले में पंजीयन नहीं है। मजदूरों का सामूहिक बीमा भी नहीं है। ऐसे हालात में किसी हादसे की स्थिति में मौत या स्थाई अपंगता में आश्रितों को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता भी नहीं मिल पाती है। सगरा के दो युवकों की कांगड़ा में हत्या का मामला सामने आने के बाद कलेक्टर संजय मिश्र ने बाहर जाने वाले श्रमिकों के पंजीयन कराने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन इसी तरह के आदेश पूर्व में भी कई बार तत्कालीन कलेक्टरों द्वारा जारी किए गए हैं, जिनका कहीं पालन नहीं हुआ। अभी भी निर्देशों का पालन होने पर संशय है।
दो लाख से ज्यादा पलायन करने वाले
जिले में पलायन पर काम करने वाली संस्था जन साहस के जिला समन्वयक मैयादीन चौधरी बताते हैं कि उनकी संस्था गुनौर और पवई ब्लॉक के 160 गांवों में अप्रेल 2021 से अप्रेल 22 तक सर्वे किया है। यह सर्वे अभी चल रहा है। इसमें उन्होंने 20 हजार पलायन कर्ताओं को चिन्हित किया है। जिले की 9 तहसीलों में 1 हजार 33 गांव और 7 नगरीय क्षेत्र हैं। इस हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो पलायन कर्ताओं की संख्या दो लाख से भी अधिक होने का अनुमान है।
बंधन बनाकर मजदूरी कराने के हर साल सामने आते हैं मामले
जिले के पलायन करके जाने वाले मजदूरों का जीवन कितने खतरे में रहता है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महानगरों में मजदूरों को बंधन बनाकर काम कराने के मामले हर साल जिले में सामने आते हैं। बीते कुछ सालों में महाराष्ट्र के गन्ने के खेतों में ही बंधन बनाकर काम कराने के करीब आधा दर्जन मामले सामेन आ चुके हैं। इसके अलावा उनके शारीरिक शोषण के भी कई मामले सामने आते रहते हैं। जिले से पलायन के जो प्रमुख कारणा सामने आए हैं उनमें बेरोजगारी, भूमि हीनता, सूखा व कृषि का हर साल खराब होना, जिले में रोजगार नहीं मिलना, मनरेगा की मजदूरी समय पर नहीं होना हैं। प्रदेश सरकार के श्रम साधन मंत्री पन्ना विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह ही हैं, इसके बाद भी जिले में और जिले के बाहर जाने वाले लोगों की हालत इस तरह से बदहाल है।
...घर लौटकर आए शव
बेरोजगारी काट रहे युवा दूसरे शहरों में ये सोचकर जाते हैं कि पैसे कमाकर घरवालों को बेहतर जीवन देंगे। लेकिन कई ममाले ऐसे भी आए कि बेचारे लौट ही नहीं पाए। लौटकर आया तो उनका शव। अभी हाल ही में जिले के ग्राम सगरा निवासी दो भाइयों अनिल कुमार (18) और उसके बड़े भाई विनोद कुमार (21) की हिमांचल प्रदेश के कांगड़ा जिला में रात को सोते समय धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। इससे पहले इसी साल जनवरी माह में गुडग़ांव में मजदूरी कर रहे जिले के पाठा ग्राम निवासी दो मजदूरों की काम के दौरान दीवार ढहने से मौत हो गई थी। दो साल पूर्व २०२० में हरियाणा के झज्जर में जिले के पांच लोगों की हत्या कर दी गई थी। जिनमें से तीन लोग ग्राम सिमरी के निवासी थे और दो लोग ग्राम धागदा की। बीते साल रीवा में जिले से पलायन करके गए एक युवक की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी। ऐसे दर्जनों मामले हैं जहां जिले के लोगों के लिए काम की तलाश में महानगरों की ओर पलायन करना जानलेवा साबित हो चुका है।
कथन...
अंतरराज्जीय प्रवासी अधिनियम के तहत ऐसे लोग जो १० से ज्यादा मजदूरों को लेकर जाते हैं उन ठेकेदारों का पंजीयन कराना चाहिए। जिले से अभी तक किसी ने पंजीयन नहीं लिया है। प्रवासी मजदूरों के पंजीयन का नियम नहीं है। कोविडकाल में वापस लौटने वालों का पंजीयन जरूर किया गया था। जिनको शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता भी दी गई थी।
मंजूशा त्रिपाठी, लेवर इंस्पेटर व प्रभारी श्रम पदाधिकारी पन्ना

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

17 जनवरी 2023 तक 4 राशियों पर रहेगी 'शनि' की कृपा दृष्टि, जानें क्या मिलेगा लाभज्योतिष अनुसार घर में इस यंत्र को लगाने से व्यापार-नौकरी में जबरदस्त तरक्की मिलने की है मान्यतासूर्य-मंगल बैक-टू-बैक बदलेंगे राशि, जानें किन राशि वालों की होगी चांदी ही चांदीससुराल को स्वर्ग बनाकर रखती हैं इन 3 नाम वाली लड़कियां, मां लक्ष्मी का मानी जाती हैं रूपबंद हो गए 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के, लोग परेशान, अब क्या करें'दिलजले' के लिए अजय देवगन नहीं ये थे पहली पसंद, एक्टर ने दाढ़ी कटवाने की शर्त पर छोड़ी थी फिल्ममेष से मीन तक ये 4 राशियां होती हैं सबसे भाग्यशाली, जानें इनके बारे में खास बातेंरत्न ज्योतिष: इस लग्न या राशि के लोगों के लिए वरदान साबित होता है मोती रत्न, चमक उठती है किस्मत

बड़ी खबरें

कोर्ट में ज्ञानवापी सर्वे रिपोर्ट पेश होने में संशय, दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में एक बजे सुनवाई, 11 बजे एडवोकेट कमिश्नर पहुंचेंगे जिला कोर्टहरियाणा: हरिद्वार में अस्थियां विसर्जित कर जयपुर लौट रहे 17 लोग हादसे के शिकार, पांच की मौत, 10 से ज्यादा घायलConstable Paper Leak: राजस्थान कांस्टेबल परीक्षा रद्द, आठ गिरफ्तार, 16 मई के पेपर पर भी लीक का सायाWeather Update: उत्तर भारत में भीषण गर्मी, इन राज्यों में आंधी और बारिश की अलर्टLucknow: क्या बदलने वाला है प्रदेश की राजधानी का नाम? CM योगी के ट्वीट से मिले संकेतजमैका के दौरे पर गए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने क्यों की सलवार-कुर्ता की चर्चा, जानिए इस टूर में और क्या-क्या हुआबॉर्डर पर चीन की नई चाल, अरुणाचल सीमा पर तेजी से बुनियादी ढांचा बढ़ा रहा चीनगेहूं के निर्यात पर बैन पर भारत के समर्थन में आया चीन, G7 देशों को दिया करारा जवाब
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.