स्कूल में प्रवेश ही नहीं पा सके गोरईया के दो दर्जन से अधिक बच्चे

प्रवेश उत्सव और इससे पूर्व कराए गए सर्वे को लेकर सामने आई बड़ी लापरवाही
ककरहटी नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक एक के गोरईया गांव का मामला

By: Shashikant mishra

Published: 03 Jan 2020, 12:54 PM IST

पन्ना ककरहटी नगर पंचायत ककरहटी के वार्ड क्रमांक एक के गोरईया मोहल्ला के दो दर्जन से अधिक बच्चों को किसी स्कूल में प्रवेश ही नहीं मिल सका। इनका निकटतम स्कूल ग्राम भटिया पगडंडी से जाने में भी करीब डेढ़ किमी. दूर है। जबकि मुख्य मार्ग से जाने में यह पांच किमी. दूर पड़ेगा। इस गांव के बच्चे सालों से स्कूल नहीं जा रहे हैं और शिक्षा विभाग को इसकी भनक तक नहीं लग पाई। इससे शिक्षा प्रारंभ होने से पूर्व नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में कराए जाने वाले सर्वे और प्रवेशोत्सव के दौरान की गई बड़ी लापरवाही सामने आई है।


जानकारी के अनुसार नगर पंचायत ककरहटी के वार्ड क्रमांक एक में गोरइया और भटिया दो मोहल्ला हैं। जिनकी एक-दूसरे से दूरी डेढ़ से दो किमी. दूर है। उक्त मार्ग में नाले और तारबाड़ी लगी हुई हैं। इससे यह बच्चों के आवागमन के हिसाब से सुरक्षित नहीं है। दोनों गांव के बीच पहुंच मार्ग नहीं होने से गोरइया के लोगों को भटिया तक जाने के लिए ककरहटी होकर जाना पड़ता है। इससे यह दूरी चार से पांच किमी. तक हो जाती है।


किसी स्कूल मेंं नहीं प्रवेश
सूत्रों के अनुसार ग्राम गोरइया के गरीब परिवारों के करीब दो दर्जन बच्चों का किसी भी स्कूल में नाम नहीं लिखा है। जबकि महज दो-तीन बच्चों के नाम भटिया में और दो-तीन के नाम ककरहटी स्कूल में लिखे हैं। गांव के दो दर्जन से अधिक बच्चें के नाम किसी भी स्कूल में नहीं लिखे होने का कारण शिक्षा सत्र के पूर्व होने वाले सर्वे के दौरान इन बच्चों को सर्वे में शामिल नहीं किया गया होगा। बताया जाता है कि सर्वे स्कूल के आसपास के क्षेत्रों का ही किया जाता है। यह गांव चुकि निकटतक स्कूल से दूर है इसलिए यह गांव सर्वे में भी छूट गया होगा। गांव के लोग गरीब वर्ग के होने के कारण उनकी इस समस्या की ओर किसी ने ध्यान भी नहीं दिया है।


गांव से भी बद्तर हालत में
गोरइया नगर पंचायत ककरहटी का हिस्सा होने के बाद भी इसकी हालत पंचायत के गांवों से भी खराब है। अभी तक यहां पक्का पहुंच मार्ग नहीं बन पाया है। हालात इतने खराब हंै कि शहर के इस हिस्से के बच्चे सालों से स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं और वहां के पार्षद और नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ आंख मूंदे बैठे हुए हैं। जनता की सेवा करने के नाम पर जिम्मेदार पदों पर बैठे इन गैर जिम्मेदार लोग ही बच्चों के भविष्य से खिलवाड करने के दोषी भी है।


गोरइया के बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं यह मेरी जानकारी में नहीं था। आगामी ७ जनवरी को नगर परिषद की बैठक है। बैठक में प्रस्ताव रखकर गांव में स्कूल खुलवाई जाएगी।
श्याम बिहारी कोरी, अध्यक्ष नगर परिषद ककरहटी

Shashikant mishra Bureau Incharge
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