mp assembly election 2018 panna: पन्ना विधानसभा में किसको मिलेगा टिकट, किसका दावा, क्यों मजबूत... पढि़ए पूरी रिर्पोट

mp assembly election 2018 panna: पन्ना विधानसभा में किसको मिलेगा टिकट, किसका दावा, क्यों मजबूत... पढि़ए पूरी रिर्पोट

Rudra pratap singh | Publish: Sep, 09 2018 10:41:55 PM (IST) Panna, Madhya Pradesh, India

mp assembly election-2018 panna: पन्ना विधानसभा में किसको मिलेगा टिकट, किसका दावा, क्यों मजबूत... पढि़ए पूरी रिर्पोट

पन्ना. विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं ने टिकट के लिए अपनी-अपनी दावेदारी ठोक दी है। जिले के पन्ना विधानसभा से दो दर्जन से भी अधिक दावेदार अपने पक्ष में टिकट के लिए महीनों से माहौल तैयार करने में लगे हुए हैं।

अभी तक पन्ना विधानसभाओं में बसपा और सपा की गतिविधियां तेज नहीं हुई हैं। बसपा के नेता संभावित गठबंधन को लेकर निर्णय के इंतजार में हैं। कुछ नेता आकाओं के हुकुम से क्षेत्र में सक्रिय हैं।पन्ना विधानसभा में विभिन्न पार्टियों से दावेदरी कर रहे नेता पार्टी से टिकट नहीं मिलने की स्थिती में निर्दलयी प्रत्याशी के रुप में उतर सकते है।


पन्ना विस क्षेत्र के कुल 290 पोलिंग बूथों में से 160 पोलिंग बूथ अजयगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के हैं। इसे खाले खाटी का क्षेत्र भी कहा जाता है। अजयगढ़ क्षेत्र में अधिक पोलिंग बूथ होने के बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों प्रमुख दलों द्वारा टिकट आवंटन में खाले घाटी की अपेक्षा जिला मुख्यालय के लोगों को ही महत्व मिलता रहा है। यहां ब्लॉक क्षेत्र के उम्मीदवार की मांग रहती है।
2013 के वोट
भाजपा
कुसुम महदेले
56 हजार
कांग्रेस
मीना यादव
23 हजार


ये हैं चार मुद्दे
वन-राजस्व सीमा विवाद, बेरोजगारी, पलायन , उद्योगों की स्थापना


भाजपा के मजबूत दावेदार
- कुसुम सिंह महदेले - वर्तमान में मंत्री, शासन में अच्छी पकड़
- सतानंद गौतम- जिलाध्यक्ष, संगठन में मजबूत पकड़।
- महेंद्र यादव - यादव समाज में पकड़ ।
- सुधीर अग्रवाल - संगठन में पकड़, लंबे समय से सक्रिय


कांग्रेस के मजबूत दावेदार
- श्रीकांत दुबे - पूर्व विधायक, स्वच्छ छवि।
- केशव प्रताप सिंह - जिपं सदस्य।
- रामप्रसाद यादव - दिग्विजन सिंह के नजदीकी।
- शारदा पाठक- पूर्व नपाध्यक्ष।
- ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह - बृजपुर-पहाड़ीखेड़ा क्षेत्र में पकड़।


जातिगत समीकरण
यहां करीब 40 फीसदी वोटर ब्राह्मणों के हैं। इसके बाद लोधी और यादवों के हैं। यहां ब्राह्मण मतदाता ही किसी की भी हार-जीत तय करते हैं।
चुनौतियां


एसटी एसपी एक्ट को लेकर के असंतोष
कांग्रेस के लिये सबसे बड़ी चुनौती गुटबाजी से निपटने की रहेगी।


विधायक की परफॉर्मेंस
मंत्री रहते हुए भी मेडिकल कॉलेज के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। बीमारी से भी वे जूझ रही हैं। अभी तक कोई बड़ा काम नहीं करा पाईं।


इनका कहना है:
सतानंद गौतम
भाजपा जिला अध्यक्ष
पार्टी के पास कई सर्वे रिपोर्ट हैं। रायसुमारी भी की जाती है। पार्टी े बेहतर को ही प्रत्याशी बनाएगी।

 

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