पान बरेज में लहलहा रहे थे गांजा के पेड़, कोर्ट ने दी यह सजा

पान बरेज में लहलहा रहे थे गांजा के पेड़, कोर्ट ने दी यह सजा

By: Bajrangi rathore

Published: 02 Aug 2019, 01:18 AM IST

पन्ना। मप्र के पन्ना जिले के अजयगढ़ व सलेहा में गांजा रखने व पेड़ लगाने के दो अलग-अलग मामलों में विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट पन्ना अमिताभ मिश्रा ने आरोपियों को पांच-पांच साल की कठोर कैद और २५-२५ हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

दोनों ही मामलों में अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक जीतेन्द्र सिंह बैस ने बताया मुखबिर की सूचना पर सलेहां पुलिस द्वारा 19 दिसम्बर 2016 को आरोपित घसोटी लाल उर्फ घोषी चौरसिया (55) निवासी पटना तमोली के पर पान बरेज में छापामार कार्रवई करते हुए तलाशी ली गई। जिसमें गांजा के हरे 96 नग पेड़ लगाए गए थे।

गांजा के पेड़ों के नीचे एक प्लास्टिक की बोरी में कलीदार गांजा भी होना पाया गया था। जिस पर सलेहा थाना पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना उपरांत चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जिस मामले में विचारण के दौरान अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों व साक्षियों के कथनों के आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपित घसोटी लाल उर्फ घोषी चौरसिया को दोषसिद्ध पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास और २५ हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

इसी तरह अजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत माधवगंज चौराहा हनुमान मंदिर के पास दो व्यक्तियों के पास से गांजा होने व उनके द्वारा गांजा का व्यवसाय करने की सूचना मिलने पर अजयगढ़ थाना पुलिस द्वारा 01 अगस्त 2014 को माधवगंज चौराहे पर दो संदेहियों संतोष सिंह व राहुल की तलाशी ली गई।

जिनके पास काले, लाल रंग के बैग से 11 पैकेटों में पैक गांजा पुलिस द्वारा जब्त किया गया था। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपितों संतोष सिंह पिता रामबली सिंह (24) निवासी ग्राम चिल्लीमल थाना राजापुर जिला चित्रकूट (कर्वी) उप्र. और राहुल सिंह पिता गुलाब सिंह परमार उर्फ लंबरदार निवासी ग्राम इगुवां मऊ थाना मरका जिला बांदा उप्र. के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए विवेचना उपरांत न्यायालय में चालान पेश किया गया था।

विचारण के दौरान मामले के एक आरोपित राहुल सिंह के अनुपस्थित हो जाने से उसे फरार घोषित करते हुए दूसरे आरोपित संतोष सिंह के विरुद्ध विचारण पूर्ण किया गया। जिसमें अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों व साक्षियों के कथनों के आधार पर न्यायालय द्वारा आरोपित संतोष ंिसह को दोष सिद्ध पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास और २५ हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई गई।

Bajrangi rathore Desk
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