पहले डॉयल 100 कर्मियों को बनाया बंधक फिर युवती का किया अपहरण, पकडऩे गई पुलिस पर किया फायर, आरोपी को कोर्ट ने दी कड़ी सजा

पहले डॉयल 100 कर्मियों को बनाया बंधक फिर युवती का किया अपहरण, पकडऩे गई पुलिस पर किया फायर, आरोपी को कोर्ट ने दी कड़ी सजा

By: Bajrangi rathore

Published: 19 Jan 2019, 11:03 PM IST

पन्ना। मप्र के पन्ना जिले के अमानगंज थाना क्षेत्र में डॉयल 100 कर्मियों को बंधक बनाकर युवती का अपहरण और देवेंद्रनगर थाना क्षेत्र से पकडऩे गई पुलिस पर हथियार से हमला करने के आरोपी देवराज सिंह को विशेष न्यायाधीश अमिताभ मिश्रा की अदालत ने एक मामले में सात साल के कैद की सजा सुनाई है।

आरोपी के खिलाफ 5 हजार रुपए का जुर्माना भी ठोका है। डॉयल 100 कर्मचारियों को बंधक बनाने के कारण मामला प्रदेश में चर्चा में रहा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पन्ना सहित छतरपुर, सागर सहित कई जिलों की पुलिस सर्चिंग कर रही थी। आरोपी को देवेंद्रनगर क्षेत्र ठाकुरबाबा स्थान के पास से गिरफ्तार किया गया।

सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने बताया, आरोपी ने पूछताछ में बताया था कि 28 जनवरी 2018 की रात थाना अमानगंज के डॉयल 100 को इवेंट के बहाने ग्राम टांई बुलाया था। यहां साथियों के साथ मिलकर कट्टे के बल पर डॉयल 100 के पुलिस कर्मचारियों को बंधक बनाकर मारपीट की और डॉयल 100 को कब्जे में लेकर ग्राम बमुरहा में एक युवती का अपहरण कर लिया था।

पुलिस का दबाव पडऩे पर युवती को थाना बल्देवगढ़ जिला टीकमगढ़ में छोड़कर भाग गया था। वह रात एक बजे के करीब सारंगपुर मकरी के रास्ते सतना जा रहा था तभी सारंगपुर मंदिर घाट के पास जंगली जानवर आ जाने से बाइक फिसल गई और लाइट टूट गई। वह बाइक घसीटते चबूतरे के पास ले गया और वहीं पास में बने छोटे से कमरे के सामने रुक गया।

पुलिस को रात में मिली थी सूचना

देवराज को ठाकुर बाबा स्थान पर रुकते हुए पुलिस के मुखबिर ने देख लिया था। 3 फरवरी 2018 की रात को उसके ठाकुर बाबा के स्थान पर रुकने की जानकारी मुखबिर ने पुलिस को दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और शीघ्र जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी।

वरिष्ठ अधिकारियों के ने तत्काल थाना प्रभारी अजयगढ़ व थाना प्रभारी सलेहा को मुखबिर की सूचना से अवगत कराकर थाना देवेन्द्रनगर उपस्थित होने को कहा गया। इसके बाद थाना प्रभारी अजयगढ़ और सलेहा स्टॉफ के साथ थाना देवेन्द्रनगर पहुंचे।

पुलिस अधिकारी और कर्मचारी आवश्यक उपकरणों के साथ ठाकुरबाबा का चबूतरा मकरी कुठार के लिए रवाना हुए। रास्ते में साक्षी कल्लू सिंह को मुखबिर की सूचना से अवगत कराकर उसे अपने साथ ले लिया।

दो किमी. दूर खड़े कर दिए थे पुलिस वाह

मुखबिर के बताए स्थान से करीब 2 किमी पहले शासकीय वाहनों को खड़ा कर दिया गया और बल को दो पार्टियों में विभाजित किया गया। प्रथम पार्टी में थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर, अजयगढ़, हमराही बल और साक्षी कल्लू सिंह तथा दूसरी पार्टी में थाना प्रभारी सलेहा, एएसआइ देवेन्द्रनगर और हमराही बल था।

दोनों दल मुखबिर के बताए स्थान पर पहुंचा और महुआ के पेड़ों की आड़ लेकर देखा तो ठाकुरबाबा के चबूतरे के पास धर्मशाला के बाहर एक बाइक खड़ी थी। जिसे इशारा करके थाना प्रभारी देवेन्द्रनगर ने हमराही बल व साक्षी को दिखाया। इसी दौरान आहट पाकर देवराज सिंह निवासी हिनौता गाली-गालौज करने लगा और पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया। गोली महुआ के पेड़ में लगी।

कट्टे में गोली फंसने से आया था पकड़ में

आरोपी देवराज ने पुलिस से बचने के लिए कट्टे से दूसरा फायर भी किया। पुलिस ने भी जवाब में फायर किए। आरोपी धर्मशाला से लगी पत्थर की खकरी में गया और चढ़कर भागने लगा। भागते समय खकरी पर डले पत्थरों पर गिर गया। आरोपी की तरफ से जब फायर बंद हो गया तब पुलिस बल ने अपनी पोजीशन लेकर खकरी के पास लगे पेड़ों के पास पहुंचकर देखा तो आरोपी पत्थरों पर पड़ा था और कट्टे से कारतूस निकाल रहा था।

पुलिस ने जब आरोपी को पकडऩे का प्रयास किया तो झूमा-झपटी कर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने आरोपी के कट्टे को खोलकर देखा तो उसमें बारह बोर का चला कारतूस फंसा था जिसे आरोपी निकालने का प्रयास किया जो नाल से नहीं निकला। आरोपी को गिरफ्तार करने में कुछ पुलिस अधिकारी घायल भी हो गए थे।

पुलिस ने आरोपी के पास से कट्टा, चार जिंदा कारतूस, एक पुलिस परिचय-पत्र सुभाषचन्द्र दुबे के नाम का, मोबाइल व अन्य समान बरामद किया। मामले में आरोपी के खिलाफ थाना देवेंद्रनगर में हत्या के प्रयास और आम्र्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। डॉयल 100 कर्मियों को बंधक मनाने का मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है।

एक मामले में हुई सजा

एडीपीओ द्विवेदी ने बताया, शासन ने उक्त प्रकरण को जघन्य एवं सनसनीखेज मामले के रूप में चिह्नित किया था। प्रकरण में दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश अमिताभ मिश्रा ने आरोपी देवराज सिंह को धारा 307 आइपीसी में 7 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000 रुपए का अर्थदंड, धारा 353 आइपीसी में 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपए का अर्थदंड एवं धारा 332 आइपीसी में 2 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपए का अर्थदण्ड, आम्र्स एक्ट में 1 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है। प्रकरण में शासन की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की।

Bajrangi rathore Desk
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