बिहार में अपराध और राजनीति के बाद कोरोना पर अमरीका से आई नई सुर्खी

(Bihar News ) अपराध, राजनीति (Crime, politics in Bihar ) सहित विभिन्न मामलों में सुर्खियों मे रहने वाला बिहार (News head lines from America ) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार यह सुर्खी आई है अमेरीका से। अमेरिकी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओ ने बिहार में कोविड-19 के तरीकों से निपटने पर विफल बताया है। केंद्र सरकार की एक टीम ने भी कोरोना से निपटने के लिए किए प्रयासों को लेकर बिहार सरकार की खिचाई की है।

By: Yogendra Yogi

Published: 27 Jul 2020, 07:45 PM IST

पटना(बिहार): (Bihar News ) अपराध, राजनीति (Crime, politics in Bihar ) सहित विभिन्न मामलों में सुर्खियों मे रहने वाला बिहार (News head lines from America ) एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार यह सुर्खी आई है अमेरीका से। अमेरिकी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओ ने बिहार में कोविड-19 के तरीकों से निपटने पर विफल बताया है। शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में कहा है कि बिहार में कोविड-19 की डेटा रिपोर्टिंग में सबसे खराब काम किया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की एक टीम ने भी कोरोना से निपटने के लिए किए प्रयासों को लेकर बिहार सरकार की खिचाई की है। टीम ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिहार में कोरोना संक्रमण के तेजी से फैलने की वजह जांच की धीमी गति है। टेस्टिंग धीमी होने के कारण महामारी की पहचान में देरी हुई और इस देरी की वजह से लोग अस्पताल भी देरी से पहुंच रहे हैं जिसकी वजह से यह महामारी विकराल रूप धारण कर रही है। केंद्रीय टीम ने बिहार का दौरा करने के बाद यह रिपोर्ट जारी की है।

पारदर्शिता नहीं
अमेरिकी स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रीपिंरट रिपॉजिटरी 'मिडआरसिवÓ में प्रकाशित अध्ययन में पूरे भारत में कोरोना की गुणवत्तापूर्ण डेटा रिपोर्टिंग में विविधता पाई गई है। शोधकर्ताओ ने कहा है कि बिहार में कोविड 19 के संक्रमण के मामले पारदर्शिता के साथ नहीं जुटाए हैं।

तेजी से बढ़ रहे संक्रमित
उधर केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने 20 और 21 जुलाई को बिहार में पटना और गया के अस्पतालों और कंटेनमेंट जोन का निरिक्षण किया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में हर रोज 800 से 1000 मामले आ रहे हैं। इनमें से 90 प्रतिशत मामले पिछले एक हफ्ते में आए हैं। 22 जुलाई को सौंपी गई रिपोर्ट के बाद बिहार में यह आंकड़ा काफी बढ़ गया है और रविवार को यह आंकड़ा 2605 तक पहुंच गया है।

जांच राष्ट्रीय औसत से कम
रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में जांच की गति राष्ट्रीय औसत से भी नीचे है। हालांकि रविवार को बताया गया है कि अब बिहार में 14 हजार से ज्यादा टेस्ट हो रहे हैं लेकिन जनसंख्या के लिहाज से देखा जाए तो यह बहुत कम हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पटना, नालंदा, नवादा, पश्चिम चंपारण, जमुई, भागलपुर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, रोहतास और मुजफ्फरपुर हॉटस्पॉट के रूप में उभर रहे हैं।

केंद्र बिहार में खोलेगा कोविड अस्पताल
इसी बीच बिहार में 500 बिस्तरों वाले कोविड अस्पताल बनाने की घोषणा की गई है। केंद्रीय सरकार की पहल पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) की टीम ने 500 बिस्तरों वाले अस्थाई कोविड अस्पताल के निमाज़्ण के लिए बिहार की राजधानी पटना और मुजफ़्फरपुर का दौरा कर विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। डीआरडीओ के अधिकारियों की एक टीम ने पटना में 500 बिस्तरों का अस्पताल खोलने के लिए जिलाधिकारी कुमार रवि से संपर्क किया।

Show More
Yogendra Yogi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned