सियासत, मांझी आज, तो नीतिश 14 को करेंगे उपवास

बिहार की गरमाई राजनीतिक सियासत में इस सप्ताह उपवास का दौर रहेगा।  यह उपवास राज्य के वर्तमान और पूर्व मुख्यमंत्रियों द्वारा रखा जा रहा है।

By: वेंकट विजय

Published: 09 Mar 2015, 01:22 PM IST

पटना। बिहार की गरमाई राजनीतिक सियासत में इस सप्ताह उपवास का दौर रहेगा। यह उपवास मुख्यमंत्रियों द्वारा रखा जा रहा है। एक ओर वर्तमान मुख्यमंत्री नीतिश कुमार केंद्र की भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में उपवास पर रहेंगे, तो दूसरी ओर पूर्व सी एम जीवनराम मांझी राज्य सरकार द्वारा उनके तत्कालीन केबिनेट के समय लिए गए 34 फैसलों को रद्द करने के विरोध में उपवास शुरू कर दिया है।

केन्द्र सरकार के भूमि अधिग्रहण विधेयक के विरोध में 14 मार्च को नीतीश कुमार 24 घंटे का उपवास रखेंगे। उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी, जदयू के सभी पदाधिकारी तथा जिला व प्रखंड इकाई के नेता भी उपवास रखेंगे। रविवार को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने पार्टी के इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि जदयू मुख्यालय में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में रहने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ उपवास पर बैठेंगे। सभी 534 प्रखंड व 38 जिला मुख्यालयों में किसानों के विरुद्ध इस काला कानून के खिलाफ जदयू कार्यकर्ता और नेता उपवास रखेंगे।

मांझी ने फैसलों के रदद करने पर जताई आपत्ति

पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी अपने समर्थकों के साथ सोमवार को गांधी मैदान में उपवास करेंगे। रविवार को मांझी ने नीतीश सरकार द्वारा उनके 34 फैसलों को रद्द करने पर गहरी आपत्ति जताई। कहा कि अंतिम समय में उन्होंने जो जनोपयोगी निर्णय लिए वे अकस्मात नहीं थे। जो निर्णय लिया ठीक लिया और उन्हें परिवर्तित करना उचित नहीं। इसके खिलाफ हम सोमवार को राष्ट्रपिता की प्रतिमा के समक्ष उपवास किया। इसके बाद प्रमंडल स्तर पर सम्मेलन कर लोगों को बताएंगे। अगर नीतीश कुमार नहीं चेते, तो और भी कठोर जनतांत्रिक निर्णय करेंगे।
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वेंकट विजय Desk/Reporting
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