मुजफ्फरपुर बालिका गृह प्रकरण में विपक्ष ने हंगामा बरपा, नहीं चला सदन

मुजफ्फरपुर बालिका गृह प्रकरण में विपक्ष ने हंगामा बरपा, नहीं चला सदन
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| Publish: Jul, 26 2018 03:48:35 PM (IST) Patna, Bihar, India

हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को सुनवाई की तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विधान परिषद में राबड़ी देवी ने मामला उठाया

(प्रियरंजन भारती का रिपोर्ट)

पटना। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन शोषण मामले की सीबीआई जांच के आदेश के बाद विपक्ष ने हाईकोर्ट की निगरानी में जांच कराने और समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा की बर्खास्तगी की मांग करते हुए दोनों सदनों में जमकर हंगामा किया और सदन से बाहर प्रदर्शन व नारेबाजी की। मॉनसून सत्र के आखिरी दिन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। इस बीच हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को सुनवाई की तो विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और विधान परिषद में राबड़ी देवी ने मामला उठाया। सदन से बाहर आकर आरजेडी समेत सभी विपक्ष ने इसी मांग को दुहराते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की। राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने मंत्री को बर्खास्त कर हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की।

 

मूंछ वाले और पेट वाले अंकल की बातें

 

तेजस्वी ने सफेदपोशों के खुलासे पर कहा कि मूंछ वाले और पेट वाले अंकल की बातें पीड़िताएं करती रही हैं।उन्होंने कहा कि पेट वाले एक मंत्री भी हैं जो मुजफ्फरपुर के विधायक और सुशील मोदी के चहेते हैं। हाईकोर्ट की निगरानी में जांच होगी तो कई सफेदपोशों के नाम सामने आ जाएंगे। कांग्रेस विधायक दल नेता सदानंद सिंह ने सीबीआई जांच के आदेश को डैमेज कंट्रोल करार दिया।सीपीआई माले विधायक महबूब आलम ने भी हाईकोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की।कांग्रेस विधान पार्षद प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि सरकार विपक्ष के दबाव के आगे झुकी।हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

 

शरद यादव ने सभी केयर होम्स की जांच का मुद्दा उठाया

 

जदयू के पूर्व अध्यक्ष और सांसद शरद यादव ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह का दौरा कर सुप्रीम कोर्ट की देखरेख में मुजफ्फरपुर समेत सभी केयर होम्स की सघन जांच की मांग की।उन्होंने कहा कि बिहार में सरकार नाम का कोई संगठन नहीं रह गया है।उन्होंने मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के अखबार प्रातःकमल की भी जांच की मांग की।कहा कि इसकी भी जांच होनी चाहिए कि अखबार का सर्कुलेशन कितना है।उसे अब तक मिले सरकारी विज्ञापनों की भी जांच की जानी चाहिए।

 

हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

 

मामले पर अखबारों की रिपोर्ट के आधार पर पटना हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार को सुनवाई की।न्यायाधीश रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता दीनू कुमार ने मामले की छपी रिपोर्टों को 25 जुलाई को ही प्रस्तुत किया था।अदालत ने गुरुवार को सुनवाई में सरकार से हकीकत जानना चाहा। महाधिवक्ता ललित किशोर चतुर्वेदी ने सरकार का पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं । जांच के बाद दस आरोपी जेल भेजे गये और एक की तलाशी में सघन छापेमारी की जा रही है।

 

मंत्री मंजू वर्मा मीडिया पर भड़की

 

समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा अपने पति चंद्रशेखर सिंह पर लगाए गये आरोपों को लेकर मीडिया पर ही भड़क उठीं।कहा कि जांच में यदि दोषी पायी गई तभी इस्तीफा दे दूंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विफक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने साजिश के तहत आरोप लगाए हैं। इस मामले में आरोपी अधिकारी की पत्नी इतने दिनों तक कहां थीं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी रवि कुमार रौशन यदि सही थे तो बालिका गृह के कुकृत्यों पर अब तक मंत्रालय को क्यों नहीं बताया।उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव और दूसरे विपक्षी नेता जब मुजफ्फरपुर पहुंचे और प्रेस कांफ्रेंस की तभी रौशन की पत्नी शिभा कुमारी क्यों आरोप लगाने सामने आई।

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