बिहार में सैलाब ला सकता है ये नन्हा जीव! लोग परेशान

Bihar Flood: हर साल प्रकृति की मार झेल रहे बिहार ( Flood in Bihar ) में एक नई आफत के आ धमकने का खतरा बरकरार है। यहां कई जिलों में बाढ़ का खतरा बरकरार है। नेपाल के कुसहा में तटबंध

By: Nitin Bhal

Published: 20 Jul 2019, 10:14 PM IST

पटना (प्रियरंजन भारती). हर साल प्रकृति की मार झेल रहे बिहार ( flood in bihar ) में एक नई आफत के आ धमकने का खतरा बरकरार है। यहां कई जिलों में बाढ़ का खतरा बरकरार है। नेपाल के कुसहा में तटबंध टूटने के बाद कोसी नदी ( Kosi ) की विनाशलीला जारी है। नदी के उग्र रूप को देखते हुए बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य में तेजी लाने के लिए नौसेना बुला ली गई है। ऐसा ही कुछ संकट गंडक नदी पर मंडरा रहा है। यह खतरा है बांध के टूटने का। बांध टूटने के लिए पानी का दबाव जितना जिम्मेदार होगा उतने ही जिम्मेदार हैं यहां के चूहे। जी हां नन्हे से जीव चूहे ने यहां अधिकारियों की पेशानी पर बल ला दिए है। दरअसल गंडक नदी पर बने पिपरा पिपरासी तटबंध पर चूहों के बिलों के कारण बड़े-बड़े सुराख हो गए हैं। ऐसे में पानी का दबाव जरा सा बढऩे पर बांध के टूटने का खतरा है।

प्रशासन सतर्क, भरेंगे बिल

स्थानीय एसडीएम ने चूहों के बिलों को तत्काल भरने और तटबंध की मरम्मत के आदेश दिए हैं। यह काम युद्धस्तर पर हो रहा है। तटबंध को अतिक्रमणमुक्त करने की भी हिदायत दी गई है। बता दें कि 2013 और 2017 में पिपरा पिपरासी तटबंध कई हिस्सों में टूटकर तबाही मचा भी चुका है।

लोगों के साथ आ बसे चूहे

rats cause to flood in bihar

तटबंध पर 2013 में गंडक की बाढ़ के दौरान लोगों ने डेरा जमा लिया था। मानवीय बसावट के साथ ही चूहों ने यहां अड्डा जमा लिया। इन चूहों ने यहां जगह जगह रैटहोल बना इसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हालत ऐसी बन गई कि यदि गंडक में पानी बेसाख्ता बढ़ा तो तटबंध कई जगह टूट सकते हैं।इससे सैंकड़ों गांव बुरी तरह प्रभावित हो जाएंगे।

Nitin Bhal Desk
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