उपचुनाव में खंडित हुई महगठबंधन की एकता

विधानसभा की पांच और लोकसभा की एक सीट पर हो रहे उपचुनाव में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सीवान की दरौंदा सीट से चुनाव प्रचार तो शुरु कर दिया पर सीटों की शेयरिंग में महागठबंधन की एकता पूरी तरह खंडित हो गई। महागठबंधन में केवल आरजेडी और कांग्रेस के बीच ही तालमेल हुआ है

By: Navneet Sharma

Updated: 10 Oct 2019, 06:31 PM IST

पटना. प्रियरंजन भारती।

विधानसभा की पांच और लोकसभा की एक सीट पर हो रहे उपचुनाव में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने सीवान की दरौंदा सीट से चुनाव प्रचार तो शुरु कर दिया पर सीटों की शेयरिंग में महागठबंधन की एकता पूरी तरह खंडित हो गई। महागठबंधन में केवल आरजेडी और कांग्रेस के बीच ही तालमेल हुआ है। बाकी गठबंधन दलों को एक भी सीट नहीं दी गई। इससे साफ हो गया है कि तेजस्वी यादव अपनी इच्छा के अनुरूप ही गठबंधन का औचित्य कायम रखना चाहते हैं। आरजेडी ने पांच में चार सीटों-दरौंदा, सिमरी बख्तियारपुर, बेलहर और नाथनगर से अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं। जबकि दो विधानसभा और लोकसभा की एक सीट की मांग पर अड़ी कांग्रेस ने आलाकमान की सहमति के बाद एक विधानसभा सीट किशनगंज और लोकसभा की समस्तीपुर सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। इस तरह महागठबंधन में शामिल दलों में केवल आरजेडी और कांग्रेस के बीच ही तालमेल धरातल पर उतरा जबकि शेष दलों उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा, जीतनराम मांझी की हम(सेक्यूलर)और मुकेश साहनी की विकासशील इंसान पार्टी(वीआईपी)का कोई अता पता नहीं रह गया है। मांझी ने आरजेडी के उम्मीदवार देने के पहले ही से नाथनगर सीट पर दावेदारी कर रखी थी। पर उसे दरकिनार कर आरजेडी ने न सीर्फ वहां अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया बल्कि उसे पार्टी का सिंबल भी दे दिया। इसी तरह वीआईपी सिमरी बख्तियारपुर सीट की मांग पर अड़ी रही पर तेजस्वी यादव ने उसे भी नजऱ अंदाज़ कर वहां अपना उम्मीदवार खड़ा कर दिया। रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा को भी उपचुनाव में कोई सीट नहीं दी गई। इन दलों ने लोकसभा चुनावों में बढ़चढ़कर सीटें तालमेल में झटक तो लीं पर आरजेडी समेत गठबंधन के सभी दल मोदी लहर में उड़ गए थे। केवल किशनगंज की एकमात्र सीट ही कांग्रेस ने जीती तब महागठबंधन की लाज बची रह सकी। उपचुनाव में महागठबंधन के नए स्वरूप पर मुहर लग गई है। पांच विधानसभा में से चार भाजपा के कब्जे और एक दरौंदा जदयू की सीट रही है। समस्तीपुर लोकसभा सीट रामविलास पासवान के भाई और स्थानीय सांसद रामचंद्र पासवान के निधन से खाली हुई है। सभी सीटों पर 21 अक्टूबर को वोट पड़ेंगे और परिणाम 24 अक्टूबर को घोषित किए जाएंगे।

Navneet Sharma
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