विधानसभा में सूखे पर चर्चा के दाैैैरान बिहार को सूखाग्रस्त राज्‍य घोषित करने की मांग के साथ विपक्ष का वाक आउट

विधानसभा में सूखे पर चर्चा के दाैैैरान बिहार को सूखाग्रस्त राज्‍य घोषित करने की मांग के साथ विपक्ष का वाक आउट
bihar assembly file photo

| Publish: Jul, 25 2018 02:06:29 PM (IST) Patna, Bihar, India

बिहार में 31 जुलाई तक यदि पर्याप्त वर्षा नहीं होती तो सूबे को सूखाग्रस्त घोषित करने पर विचार किया जा सकता है

(प्रियरंजन भारती की रिपोर्ट)

पटना। बिहार विधानसभा में बुधवार को सूखे पर विशेष चर्चा के दौरान कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वॉक आउट कर दिया। सरकार का कहना था कि सूखे से निबटने के लिए वह पूरी तरह तैयार है। 31 जुलाई तक यदि पर्याप्त वर्षा नहीं होती तो सूबे को सूखाग्रस्त घोषित करने पर विचार किया जा सकता है। सूखे पर चर्चा के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है।

 

सरकार सूखे से निबटने को पूरी तरह तैयार

 

चर्चा के दौरान कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार ने कहा कि सरकार सूखे से निबटने को पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि रैयती तथा गैररैयती किसानों को डीजल सब्सिडी ऑनलाइन दी जा रही है। नलकूप जल्दी में ठीक कराए जा रहे हैं। राज्य में दस हजार सरकारी नलकूपों में आधे खराब हैं। उन्होंने कहा कि बाणसागर और रिहंद जलाशय से पानी पर्याप्त मात्रा में मिल रहा है। कुमार ने कहा कि सरकार किसानों का हरसंभव ध्यान रख रही है।

 

किसानों का कर्ज माफ करने की मांग


चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य को अविलंब सूखाग्रस्त घोषित किया जाना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने किसानों का कर्ज माफ करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सही तरीके से बिहार की मदद नहीं कर रहा है। सूबे को आज तक न तो विशेष राज्य का दर्जा दिया गया न ही विशेष सहायता दी गई। मध्य प्रदेश से सही तरीके से पानी नहीं दिया जा रहा। चर्चा के दौरान सीएम और डिप्टी सीएम दोनों सदनों से गायब हैं। तेजस्वी ने कहा कि चर्चा की क्या जरूरत है,अविलंब सूखाग्रस्त राज्य घोषित किया जाए। चर्चा के दौरान कृषि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर विपक्ष ने पहले वेल में आकर हंगामा किया और फिर सदन से बहिर्गमन कर दिया।

 

मुजफ्फरपुर कांड पर हंगामे से सदन भोजनावकाश तक स्थगित


शून्यकाल शुरू होते ही विपक्ष ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड पर हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा था। इस दौरान विपक्षी सदस्य वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के हंगामे के बीच सभाध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक स्थगित कर दी।

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