नक्सलियों और बिहार चुनाव में विध्न डालने वालों के लिए यह बुरी खबर है

(Bihar News ) नक्सलियों (Naxali ) और बिहार में विधान सभा (Bihar assembly election) चुनाव में गड़बड़ी का मंसूबा पालने वालों के लिए बुरी खबर है। बिहार से जम्मू-कश्मीर गई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सात कंपनियों की वापसी (7 CRPF compnay return ) हो रही है। एक कम्पनी में सौ जवान होते हैं। इन कंपनियों की वापसी के बाद इन्हे नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात किए जाने की संभावना है।

By: Yogendra Yogi

Updated: 25 Aug 2020, 07:23 PM IST

पटना(बिहार): (Bihar News ) नक्सलियों (Naxali ) और बिहार में विधान सभा (Bihar assembly election) चुनाव में गड़बड़ी का मंसूबा पालने वालों के लिए बुरी खबर है। बिहार से जम्मू-कश्मीर गई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की सात कंपनियों की वापसी (7 CRPF compnay return ) हो रही है। एक कम्पनी में सौ जवान होते हैं। इस तरह कुल करीब सात सौ जवानों और अधिकारियों की वापसी होगी। इन कंपनियों की वापसी के बाद इन्हे नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात किए जाने की संभावना है।

10 कंपनी गई थी जम्मू-कश्मीर
जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटाए जाने पर पिछले साल वहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। इसी के तहत बिहार में तैनात सीआरपीएफ की 10 कंपनियों को भी जम्मू-कश्मीर भेजा गया था। हालांकि इसमें से 2 कंपनी बाद में वापस लौट आई थी। 2019 में गई 10 कंपनियों में से मात्र 1 कंपनी ही अब जम्मू-कश्मीर में रह गई है। सीआरपीएफ की जिन कंपनियों को बिहार से जम्मू-कश्मीर भेजा गया था वह नक्सल विरोधी अभियान के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों में तैनात थीं।

नक्सल क्षेत्रों में तैनात
सीआरपीएफ और एसएसबी के जवान बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात हैं। बिहार वापस आ रहीं सीआरपीएफ की कंपनियों को भी नक्सल इलाकों में बने सुरक्षाबलों के कैंप में तैनात किया जाएगा। बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भी इन कंपनियों की तैनाती संवेदनशील और अतिसंवेदनशील इलाकों में की जाएगी।

धारा 370 हटाने के बाद तैनात किया था
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अर्ध सैनिक बलों की १०० कंपनियों को वापस बुलाने का निर्णय लिया है। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद अतिरिक्त कंपनियों को तैनात किया गया था। अब हालातों की समीक्षा के बाद इन्हें हटाने का फैसला किया गया है। गृह मंत्रालय के इस फैसले को घाटी में विश्वास बहाली के कदम के रूप में देखा जा रहा है।

विश्वास बहाली का संदेश
जम्मू-कश्मीर से सुरक्षाबलों की वापसी के फैसले को एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पहले 30 हजार अतिरिक्त सीआरपीएफ जवानों को तैनात किया गया था। इसके अलावा बीएसएफ, सशस्त्र सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों को भी तैनात किया गया था।हालांकि जवानों की तैनाती को लेकर समय-समय पर समीक्षा की जाती रही है। केंद्र के मौजूदा आदेश के बाद भी जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ की 60 बटालियन रहेंगी।

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