लालू परिवार में विरासत की जंग जारी, अब किसकी बारी

लालू परिवार में विरासत की जंग जारी, अब किसकी बारी
लालू परिवार में विरासत की जंग जारी, अब किसकी बारी

Navneet Sharma | Publish: Aug, 14 2019 06:08:05 PM (IST) Patna, Patna, Bihar, India

Lalu yadav: लालू परिवार में आरजेडी पर एकाधिकार को लेकर खींचतान जारी है।अज्ञात वास झेल रहे तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सभी विधायकों की एकजुटता की पहल के साथ आरजेडी की साख कायम रखने की कोशिश


पटना (प्रियरंजन भारती) लोकसभा चुनाव में पहली बार एक भी सीट न ला पाने वाली आरजेडी(RJD) में लालू परिवार के सदस्यों के बीच एकाधिकार को लेकर खींचतान जारी है। चुनाव के बाद ढाई महीने तक अज्ञातवास झेल रहे तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विधायकों की एकजुटता को लेकर सोलह अगस्त को राबड़ी देवी(Rabdi devi) आवास पर में एक बैठक बुलाई गई है।
दरअसल तेजस्वी यादव(Tejaswi yadav) पिछले कुछ दिनों में देश व राज्य के प्रमुख मुद्दों से दूरी बनाए हुए हैं दूसरी तरफ पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी पर अपना एकाधिकार बनाए रखना चाहते हैं। पिछले कुछ दिनों से लोगों से कटे रहने को लेकर भी अलग—अलग बातें सामने आई हैं, कभी कहा गया वह दिल्ली में इलाज करा रहे हैं तो कभी उनके आराम करने की बात बताई गई।

लालू परिवार में है घमासान
तेजस्वी के गायब होने के पीछे पार्टी पर एकाधिकार को लेकर परिवार में जारी घमासान मुख्य वज़ह बताई जा रही है। तेजस्वी हर हाल में पार्टी पर अपना वर्चस्व कायम रखना चाहते हैं।उनके बड़े भाई तेजप्रताप यादव(Tejprtap yadav) को बगावत कर अपना उम्मीदवार अलग घोषित करना पड़ा। वह तीन या पांच सीटें अपनों के लिए मांगते रहे पर अंत तक उनके एक भी समर्थक को उम्मीदवार नहीं बनाया गया। इससे नाराज तेजप्रताप ने अलग सुर अलापे और कई अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ अभियान छेड़ डाला।लालू प्रसाद(Lalu prsad yadav) की बड़ी बेटी मीसा भारती(Meesa bharti) को पाटलिपुत्र सीट से उम्मीदवार बनाने को लेकर भी खूब खींचतान मची। तेजप्रताप ने मीसा के टिकट पर परिवार में ही रार छेड़ दी।

मीसा और तेजप्रताप की मौजूदगी पर सवाल
16अगस्त को आयोजित हो रही बैठक में मीसा भारती और तेजप्रताप यादव मौजूद रहेंगे या नहीं इस पर गहरा संशय है।बताते चलें कि 2015के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद लालू यादव ने मीसा भारती को दिल्ली की जिम्मेदारी दी थी।यानी संसद में पार्टी की गतिविधियों और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के कार्यकलापों की देखरेख का जिम्मा उन पर दिया गया।लेकिन वह इस कार्य में अपना योगदान नहीं के बराबर कर सकीं।लोकसभा चुनाव में भी वह पाटलिपुत्र सीट पर प्रचार अभियान तक ही सिमटकर रह गयीं।
उन्होंने पार्टी पर अपनी धाक बनाने के लिए कभी अध्यक्ष बनने का स्वयं ऐलान किया और पार्टी कार्यालय में बैठकें आयोजित करनी शुरु कीं तो कभी पत्नी ऐश्वर्या राय से बिलगाव की मुहिम छेड़ मथुरा वृंदावन में कृष्ण भक्ति की राह पकड़ ली।

लालू यादव पारिवारिक जंग से दुखी
चारा घोटाले में सजा काट रहे लालू यादव अपनी गैरमौजूदगी में पार्टी के मौजूदा हश्र से बेहद दुखी बताए जा रहे हैं।पार्टी के दूसरे बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूदा दौर में उदासीन बने हुए हैं।लालू इससे पार्टी को निकाल कर मुख्यधारा में मजबूती से खड़ा करना चाहते हैं। इसीलिए राबड़ी देवी के आवास में शुक्रवार को यह बैठक बुलाई गई है।इसमें तेजस्वी यादव फिर नये फॉर्म में पेश किए जाने वाले हैं।
देखना बाकी है कि बैठक में तेजस्वी का नया अवतार किस तरह उभरकर सामने आता है।यह भी दिखेगा कि पार्टी और विरासत पर आधिपत्य की पारिवारिक जंग थमती भी है या नहीं।इससे यह भी साफ हो जाएगा कि बिहार में गैरभाजपा विपक्ष की राजनीति में कैसी हैसियत होगी या विपक्ष ऐसे ही टुकड़ों में खंडित रहते हुए महज़ अपनी मौजूदगी का अहसास भर कराता रह जाएगा।

 

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