लोकल को मिल रहा वोकल, एमएसएमई के लिए अवसर

-यंगस्टर्स कर रहे स्वदेशी प्रोडक्ट यूज करने की अपील
-सोशल मीडिया पर बायकॉट चाइनीज प्रोडक्ट्स की चल रही मुहीम

By: Surya Pratap Singh Rajawat

Published: 16 May 2020, 09:49 PM IST

जयपुर. सोशल साइट्स पर इन दिनों यूजर्स स्वदेशी प्रोडक्ट्स को यूज करने की अपील कर रहे हैं। इंस्टाग्राम, ट्विटर और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर स्वदेशी, लोकल को वोकल, बायकॉट चाइनीज प्रोडक्ट्स जैसे हैशटेग ट्रेंड कर रहे हैं। दरअसल हाल ही में पीएम मोदी ने नेशन को एड्रेस करते हुए स्वदेशी को अपनाने पर जोर दिया था। इसके बाद से ही पूरे देश में खासतौर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इससे जुड़े पोस्ट्स की बाढ़ आ गई है। हर कोई स्वदेशी सामान खरीदने की अपील कर रहा है। ऐसे में पत्रिका प्लस ने जयपुराइट्स से उनका व्यू जाना।


चैलेंजेज के साथ अपॉच्र्यूनिटीज भी
फोर्टी विमन विंग की प्रेसिडेंट नेहा गुप्ता का कहना है कि लोकल ब्रांड को अपनाना और इसे प्रमोट करना उतना आसान नहीं है, जितना दिखाई इे रहा है। इसके लिए हमें अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलना होगा। ये दौर एमएसएमई और दूसरी बड़ी इंडियन कंपनीज के लिए चैलेंजेज के साथ ही अपॉच्र्यूनिटीज लाया है। इंडियन प्रोडक्ट मेकर्स को इम्पोर्टेड प्रोडक्ट्स की क्वालिटी को मैच करना होगा। इसके साथ ही फॉरेन के ब्रैंड्स की तरह अगे्रसिव मार्केटिंग की जरूरत है। मेरा मानना है कि अब वक्त है, जब हमें छोटे-छोटे फायदे-नुकसान से आगे बढक़र स्वदेशी को यूज करने के साथ प्रमोट करना चाहिए।


कम करनी होगी चाइना पर डिपेंडेंसी
बैंकर सीए शिवांगी अग्रवाल का कहना है कि अभी देश जिस फाइनेंशियल क्राइसिस से गुजर रहा है, उसमें हर इंडियन की ड्यूटी बनती है कि हम ज्यादा से ज्यादा हमारे लोकल प्रोडक्ट्स काम में लें। हमारे देश में ६५ परसेंट से ज्यादा पॉपुलेशल यूथ है। अगर यंगस्टर्स स्टेटस सिंबल से बाहर निकलकर लोकल को वोकल देंगे, तो ये हमारी इकोनॉमी के लिए अच्छा होगा। इस बुरे वक्त में कोई बाहरी कंपनी काम नहीं आई है, हमारे अपनों ने ही मदद की है। ऐसे में अब हमारी बारी है इन्हें सपोर्ट करने की। हमें चाइना पर अपनी डिपेंडेंसी कम करनी होगी।

लोगों को मोटिवेट करना जरूरी
एंटरप्रेन्योर शैलेन्द्र कुमार का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से कही गई बात ‘वोकल अबाउट लोकल’ सिर्फ एक स्टेटमेंट नहीं है, ये आर्थिक व्यवस्था में विनम्रता लाने का काफी सरहानीय कदम है। इकोनॉमी को फिर से पटरी पर लाने के लिए सभी लोगों को प्रेरित करना काफी जरूरी है। जहां विदेशी ब्रांड्स और लेबल्स को देख कर सभी उनकी होड़ में लग जाते है। वहीं इस तरह की मुहीम लोकल आर्ट और क्राफ्ट को महत्वपूर्ण सहारा देगी। हमे राजस्थान के आर्ट और क्राफ्ट को नए मुकाम पर ले जाने का सरकार की ओर से बेहतर अवसर मिला है।


हमारे लोगों के लिए जॉब अपॉच्र्यूनिटी
मैन्स फैशन डिजाइनर पंकज कोठरी का कहना है कि लोकल को वोकल हर इंडस्ट्री के लिए अपॉच्र्यूनिटीज लेकर आया है। इससे गारमेंट सेक्टर पर खासा प्रभाव पडऩे वाला है। जहां लोगों को रेडी मेड गारमेंट्स से हैंडमेड क्लोदिंग की ओर रुख करना चाहिए। हैंडमेड और हैंड स्टिचेड क्लोदिंग से न सिर्फ लोकल बिजनेसमैन, बल्कि उसे बनाने वाले बुनकर और कारीगरों को भी काम मिलेगा। सबसे जरूरी है कि इस मुहीम को सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रहने दें। इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे। आज हमारे लोगों के लिए जॉब अपॉच्र्यूनिटी क्रिएट करने की जरूरत है।

Surya Pratap Singh Rajawat
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