मां से ही मेरी असली पहचान है


मदर्स डे पर खास
शहर की मदर्स और बेटियों ने बांटे अनुभव

By: Jaya Sharma

Published: 10 May 2020, 09:52 PM IST

जयपुर. मां को हर रिश्ते से यूं ही बड़ा नहीं कहा गया है। कहावत है कि इस आसमान को कागज और समुद्र को स्याही भी बना दो तो भी मां की महिमा नहीं लिखी जा सकती। वाकई में मां शब्द ही ऐसा है, जिसमें ढेरों अहसास है। मदर्स डे पर हमने शहर की कुछ मदर्स और बच्चों से बात की, जो इस दिन को लेकर बेहद उत्साहित नजर आईं। हालांकि कुछ माएं लॉकडाउन के चलते बच्चों के पास नहीं है, तो कुछ के लिए लॉकडाउन ही उन्हें बच्चों के पास लेकर आया है। इन बच्चों का कहना है कि मां ही हमारी असली पहचान है, हर दर्द और खुशी में मां ही सबसे पहले याद आती है।
ब्लॉगर आस्था अग्रवाल लॉकडाउन में अपनी बेटी लिनिशा के साथ एंजॉय करती हुईं। आस्था पैरेंटिंग पर ब्लॉग लिखती है और इन दिनों अपनी बेटी के साथ भरपूर समय बिता रही हैं।

महीनों से बेटी से नहीं मिली
साढ़े तीन साल की हिरल पिछले चार महीनों से अपनी मां डॉ.अंकिता शर्मा से नहीं मिली। उनकी मम्मी चिकित्सक हैं और कोल्हापुर में पीजी कर रही है। लॉकडाउन में घर भी नहीं आ सकती है, क्योंकि स्टडी के साथ काम का भी बर्डन है। हिरल के पापा डॉ.राजीव शर्मा कोरोना वॉरियर हैं और एसएमएस हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, वे भी जब से लॉकडाउन लगा है, तभी से बेटी से नहीं मिले। अंकिता के मुताबिक मदर्स डे एक मां और बेटी के लिए बेहद खास होता है, हिरल अपने दादा-दादी के पास रहती हैं और रोज वीडियो कॉल के जरिए बात करती हैं। हिरल प्रिसेंस हैं और वे अभी से अपने पैरेंट्स का काम समझने लगी हैं।
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जीवन की नींव है मां
एक्ट्रेस युक्ति कपूर कहती हैं एक मां के प्यार को व्यक्त करने के लिए पर्याप्त शब्द नहीं हैं। मेरे लिए मेरी मां मेरे जीवन की नींव की तरह है और यह उनके निरंतर समर्थन, प्यार और स्नेह के कारण ही है कि आज मैं उस स्थान पर हूं जहां मैं जीवन में रहना चाहती थीं। अभी होम टाउन जयपुर में हूं और मां के साथ बहुत अच्छा समय बिता रही हूं। उनके हाथ के खाने को मुम्बई में मिस करती थी, लेकिन अब यहां मम्मी के हाथ खाना खाती हूं। हैप्पी मदर्स डे।
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मेरा असली स्कूल है 'मांÓ
कृति सैनन, नवाजुद्दीन और सुष्मिता सेन जैसे स्टार्स की अपकमिंग फि ल्मों में नजर आने वाली आठ साल की आराध्या ए वर्मन ने कहा कि मेरा असली स्कूल मेरी मां ज्योति वर्मन है। मां ही मेरी असली पहचान है। मेरे दिन की शुरुआत मां के साथ ही होती है इसके बाद योगा, डांस, स्टडी, स्केचिंग और गेम खेलने से जुडी एक्टिविटी में मां का ही साथ होता है। मां के साथ की वजह से ही मैं शूटिंग कर पा रही हूं।

Jaya Sharma Reporting
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