
वेब सीरीज के जरिए टैलेंट को मिली रही है असली जगह — आसिफ खान
जयपुर. 'एक फिल्म का मिलना और उसमें भी अच्छा रोल मिलना बहुत बड़ी जीत होती है, इसमें भी अपने रोल के जरिए तीन घंट के बीच लोगों को अपना टैलेंट दिखाना जरूरी होता है। अब दौर वेब सीरीज ने बदला है, अब यहां डायरेक्टर्स को अच्छे एक्टर्स की जरूरत होती है, जो उनकी कहानी को रियलिस्टिक अंदाज में बयां कर सके। एेसे में हमारे जैसे एक्टर्स के जरिए वेब सीरीज बहुत बड़ा प्लेटफार्म है और हम इसका भरपूर फायदा भी उठा रहे हैं। इसी का कारण है कि मुझे भी बैक टू बैक वेब सीरीज मिलती जा रही है।' यह कहना है, एक्टर आसिफ खान का। अपने होम टाउन आए आसिफ ने पत्रिका प्लस से बात करते हुए कहा कि मुम्बई पूरी तैयारी के साथ ही जाएं तो बेहतर परिणाम मिलते हैं, नहीं तो यह शहर बहुत स्ट्रगल करवाता है। मैं भी एक साल बिना तैयारी के गया था, लेकिन मुझे वापिस आना पड़ा। जयपुर आकर साबिर खान और अजीत सिंह पालावत के साथ थिएटर किया, पांच साल की मेहनत के बाद मुम्बई गया। अब न केवल अच्छे प्राजेक्ट्स बल्कि नामचीन एक्सपट्र्स से सराहना भी मिल रही है।
'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड' से हुई बड़ी शुरुआत
आसिफ ने बताया कि 'मुम्बई में काम की शुरुआत छोटे-छोटे रोल्स के साथ हुई, जिसमें 'टॉयलेट एक प्रेमकथा', 'परी' जैसी फिल्में शामिल थी। इसके बाद राजकुमार गुप्ता के निर्देशन में बनी फिल्म 'इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड' में काम मिला, अर्जुन कपूर के साथ एक पैरेलर कैरेक्टर मिला। इसके बाद 'मिर्जापुर', 'सेक्रेड गेम्स 2', 'जमतारा' जैसी वेब सीरीज की। यहां से लोगों ने रिक्ग्नाइज करना शुरू किया। अभी वेब सीरीज में 'मिर्जापुर 2', 'पाताललोक', 'पंचायत' जैसे प्रोजेक्ट कर रहा हूं। इसके अलावा सान्या मल्होत्रा के साथ 'पगलेट' फिल्म कर रहा हूं।
चार साल बाद रवीन्द्र मंच पहुंचा
उन्होंने बताया कि जयपुर से काफी यादें जुड़ी हुई है। मूल रूप से मैं चित्तोडग़ढ़ से हूं, लेकिन मैं थिएटर के लिए जयपुर आ गया था। पहला नाटक राजीव आचार्य के निर्देशन में 'अबु हसन' था, इसके बाद साबिर खान के निर्देशन में कई चर्चित नाटक खेल। जयपुर के ही अजीत सिंह पालावत के निर्देशन में नाटक 'कसुमल सपनों' के ३५ से ज्यादा शो कर चुके हैं, अभी इसे जम्मू में मंचित करके आए हैं।
Published on:
12 Feb 2020 01:46 pm
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