पिछले तीन दशक से एक-दूसरे के खिलाफ लड़ते रहे कांग्रेस और जनता दल(एस) ने हाथ क्या मिलाया दक्षिण का द्वार कर्नाटक भगवा रंग में रंग गया। राज्य की 28 में से 25 सीटें भारतीय जनता पार्टी ने जीत ली, जबकि एक सीट भाजपा समॢथत निर्दलीय उम्मीदवार के खाते में गई। गठबंधन महज 2 सीटों पर सिमट गया। भाजपा की इस ऐतिहासिक जीत पर पार्टी में आल्हाद का ज्वार उमड़ पड़ा। नेता, कार्यकर्ता और समर्थक बल्लियों उछल पड़े। प्रारंभिक बढ़त के साथ शुरू हुआ जश्न का माहौल देर रात तक बना रहा। सभी ने ढोल-ड्रम बजाए, खूब पटाखे फोड़े, मिठाई बांटी और एक दूसरे को गुलाल से सराबोर कर दिया, गले मिलकर बधाई दी।

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