राज्यपाल की मौजूदगी में सीएसजेएमयू की खुली पोल, 100 से ज्यादा छात्राएं एनीमिया रोग से ग्रसित

Vinod Nigam

Updated: 12 Sep 2019, 09:15:01 AM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविधालय के 34वे दीक्षांत समारोह में यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बुधवार को कानपुर पहुंची। राज्यपाल को जब पता चला कि यहां की 200 में से 51 फीसदी छात्राएं एनीमिया रोग से ग्रसित हैं तो उनका चेहरा लाल पड़ गयां। उन्होंने यहां के प्रशासनिक अफसरों के अलावा प्रोफेसरों को नशीहत देते हुये कहा कि आप लोग फूड टेक्नोलॉजी के साथ न्यूट्रेशन सिखाते हो बावजूद बेटियां इस बीमारी से जूझ रही हैं। योग के अलावा इसे जड़ से खत्म करने के लिए अभी से कार्य शुरू करें।

200 छात्राओं की हुई जांच
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के 34वें दीक्षांत समारोह में बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल पहुंची। इस मौके पर उन्होंने यहां के छात्र व छात्राओं के अलावा प्रोफेसरों को संबोधित किया। राज्यपाल पटेल ने बताया कि 200 छात्राओं का हीमोग्लोबीन चेक कराया गया है, जिसमें 51 प्रतिशत छात्राएं एनेमिया की शिकार मिलीं। राज्यपाल ने कहा कि जब बालिकाएं स्वस्थ होगी तभी कुपोषण समाप्त होगा। इसलिए हमें बालिकाओं की स्वस्थता पर विशेष ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि गर्भवस्था महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण है, ऐसी अवस्था में उन्हंे पौष्टिक आहार लेना चाहिए एवं स्वास्थ का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। स्वास्थ को बेहतर बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा आयुष्मान योजना एवं फिट इण्डिया मूवमेन्ट की शुरूआत की गई है। यह सभी को स्वस्थ रखने के लिए संचालित की गई है। जिसमें कुपोषित बच्चों को भी स्वस्थ रखा जा सके।

खून की हर माह कराएं जांच
राज्यपाल पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालयों में जो शिक्षा दी जाती है, उसको अपने जीवन में उतारना होगा। विश्वविद्यालयों में छात्राओं का हीमोग्लोबीन चेक किया लाए। छात्र-छात्राओं को ं अपने खानपान में स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिये सुधार करना होगा। फूड टैक्नोलोजी एवं न्यूूट्रीशियन की जो शिक्षा अच्छी तरह से इस विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रही है,उसको सीखते हुये अपने जीवन में अपनायें। बालिकाओं के लिये विश्वविद्यालय में एक घंटे पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन की शिक्षा देने की व्यवस्था हों।

अपने जीवन में अपनाएं
राज्यपाले पटेल ने कहा कि हमें अपने खानपान में स्वास्थ्य को अच्छा रखने के लिये सुधार करना होगा। फूड टैक्नोलोजी एवं न्यूूट्रीशियन की जो शिक्षा अच्छी तरह से इस विश्वविद्यालय द्वारा दी जा रही है,उसको सीखते हुये अपने जीवन में अपनाएं। बालिकाओं के लिये विश्वविद्यालय में एक घंटे पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन की शिक्षा देने की व्यवस्था हों। इसके अलावा राज्यपाल पटेल ने पाॅलीथिन के बजाए कपड़े के थैले के इस्तेमाल के साथ ही शादी विवाह में दहेज लेने व न देने के लिए संकल्प दिलाया।

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