पीएचई ठेकेदार से 1.12 करोड़ रुपए ठगने वाले पिता- पुत्र गिरफ्तार

Sanjay Sharma

Updated: 12 Sep 2019, 08:00:00 AM (IST)

Sagar, Sagar, Madhya Pradesh, India

सागर. सस्ती पाइपलाइन के नाम पर पीएचई विभाग के ठेकेदार से 1.12 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। व्यापारी बनकर ठगी को अंजाम देने वाले पिता-पुत्र को पुलिस ने भोपाल से गिरफ्तार किया है। उनके पास से ठगी गई राशि में से करीब 26 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। आरोपी ठगी की राशि से अपने पुत्र को चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई करा रहा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से पुत्र को जेल भेजा गया है जबकि ठेकेदार को ठगने वाले पिता से शेष राशि के संबंध में पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है।

भरोसा जमाकर की ठगी -

एएसपी विक्रम ङ्क्षसह ने बताया कि नरयावली के मूडरा निवासी लखन ङ्क्षसह राजपूत पीएचई विभाग के लिए ठेकेदारी करते हैं। लखन सिंह अकसर पाइप लाइन बिछाने या पानी के बोर में डालने के लिए पाइप लाइन की खरीदारी करता रहता था। पाइपलाइन की खरीदारी के दौरान लखन सिंह से भोपाल निवासी मुस्तफा जकी की मुलाकात हुआ। लखन के काम का पता लगने पर मुस्तफा जकी ने उसे अपने झांसा में फांसना शुरू किया। पिछले साल सिंह ने जब पाइप लाइन बिछाने का काम लिया तो मुस्तफा ने उसे बाजार से कम दाम पर लोहे के पाइप दिलाने का वादा किया। उसे पहली बार में करीब 25 लाख रुपए के पाइप उपलब्ध कराए तो लखन भी विश्वास करने लगा।

ऑर्डर के नाम पर हड़पे रुपए -

राहतगढ़ एसडीओपी रघु प्रसाद ने बताया कि पीएचई ठेकेदार लखन सिंह राजपूत ने नवम्बर 2018 से मार्च 2019 के बीच तीन बार में 1.12 करोड़ रुपए मुस्तफा जकी कि बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए थे। लेकिन बार-बार कहने पर भी मुस्तफा ने न तो पाइप उपलब्ध कराए न ही रुपए लौटाए। परेशान होकर लखन सिंह ने जब मुस्तफा के बारे में भोपाल के कबाडख़ाना क्षेत्र में जानकारी जुटाई तो पता लगा कि वह कई लोगों को ऐसे ही झांसा देकर रुपए हड़प चुका है। अपने रुपए डूबने की आशंका को देखते हुए ठेकेदार ने सागर एसपी अमित सांघी को शिकायत की जिसके बाद मामले की जांच नरयावली थाना प्रभारी आनंद राज को सौंपी गई।

 

ठगी के रुपए से बेटे को बनाना चाहता था चार्टर्ड अकाउंटेंट -

थाना प्रभारी आनंद राज ने जब जानकारी जुटाई तो मुस्तफा जकी के साथ धोखाधड़ी में उसका बेटा ताहिर जकी भी लिप्त पाया गया। दोनों पिता-पुत्र मिलकर ठगी करते थे। पड़ताल में सामने आया कि मुस्तफा और उसके बेटे को सुख-सुविधाओं भरा जीवन पसंद है। मुस्तफा लोगों को ठगने के बाद इसी रुपए से बेटे ताहिर को चार्टर्ड अकाउंटेंट बनाना चाहता था। पुलिस से बचने के लिए मुस्तफा ने अकाउंट से एक करोड़ रुपए से अपनी पुरानी उधारी चुकाई और भोपाल से फरार हो गए। दोनों पिता पुत्र कई दिनों तक मुंबई, पुणे और बड़ोदरा में छिपते रहे। विगत दिवस जैसे ही उनके भोपाल आने का पता लगा थाना प्रभारी आनंद राज, सीहोरा प्रभारी महेन्द्र ङ्क्षसह धाकड़, जरुवाखेड़ा चौकी प्रभारी मोहिनी वर्मा, पीएसआई धर्मेन्द्र सिंह, प्रआ राधेश्याम मिश्रा, राजेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र सिंह, रामप्रकाश स्थापक, सतीश तिवारी, धर्मेन्द्र सिंह यादव की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को दबोच लिया। उनके पास से 26.29 लाख रुपए भी बरामद किए गए हैं।

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