12 ज्योतिर्लिंग : दर्शन, पूजन, आराधना और नाम जपने मात्र से समाप्त हो जाते हैं भक्तों के सभी पाप

12 ज्योतिर्लिंग : दर्शन, पूजन, आराधना और नाम जपने मात्र से समाप्त हो जाते हैं भक्तों के सभी पाप

Devendra Kashyap | Updated: 16 Jul 2019, 12:25:34 PM (IST) तीर्थ यात्रा

12 ज्योतिर्लिंग : दर्शन, पूजन, आराधना और नाम जपने मात्र से समाप्त हो जाते हैं भक्तों के सभी पाप

भगवान शिव ( Lord Shiva ) के 12 ज्योतिर्लिंग ( 12 jyotirlinga ) देश के अलग-अलग हिस्से में स्थित हैं। पुराणों के अनुसार, इन 12 जगहों पर भगवान शिव स्वयं प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, पूजन, आराधना और नाम जपने मात्र से ही भक्तों के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। सावन के पावन महीने में घर बैठे आप भी करें भगवान शिव के इन ज्योतिर्लिंगों के दर्शन...

jyotirlinga of lord shiva

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग गुजरात के काठियावाड़ा क्षेत्र में समुद्र किनारे स्थित है। कहा जाता है कि चंद्रमा ने भगवान शिव को आराध्य मानकर पूजा की थी, यही कारण है कि इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ पड़ गया। दरअसल, चंद्रमा का नाम एक नाम सोम है। इससे साफ है कि चंद्रमा के नाम पर ही इस ज्योतिर्लिंग का नाम सोमनाथ पड़ा है।

jyotirlinga of lord shiva

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग

मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग आंध्र प्रदेश के कृष्ण नदी के तट पर है। कहा जाता है कि इसके दर्शन से सात्विक मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। दैहिक, दैविक और भौतिक पाप नष्ट हो जाते हैं।

jyotirlinga of lord shiva

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग

महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मध्य प्रदेश के उज्जैन में शिप्रा नदी के तट पर अवस्थित है। यह ज्योतिर्लिंग स्वयं-भू दक्षिणमुखी ज्योतिर्लिंग है। इस पवित्र स्थाना को महाकाल के नाम से जाना जाता है।

jyotirlinga of lord shiva

ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

ओमकारेश्वर ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के किनारे मान्धाता पर्वत पर स्थित है। मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से ही पुरुषार्थ की प्राप्ति होती है।

jyotirlinga of lord shiva

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग अलकानंदा और मंदाकिनी नदियों के तट पर स्थित है। इस पवित्र धाम का नर और नारायण की तपस्थली माना जाता है।

jyotirlinga of lord shiva

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र में पुणे से करीब 100 किमी दूर स्थित है। इस मंदिर के पास भीमा नामक एक नदी बहती है, जो कृष्णा नदी में जाकर मिल जाती है। यहां स्थित शिवलिंग बहुत ही मोटा है। यही कारण है कि इसे मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है।

jyotirlinga of lord shiva

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग

विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग धर्म नगरी काशी में स्थित है। कहा जाता है कि भगवान शिव ने हिमालय छोड़कर इस स्थान को स्थायी निवास बनाया गया था। मान्यता है कि प्रलयकाल का भी धर्म नगरी पर कोई असर नहीं पड़ता है। बाता दें कि काशी गंगा नदी के तट पर स्थित है।

jyotirlinga of lord shiva

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग

त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के नासिक से 30 किमी पश्चिम गोदावरी नदी के किनारे स्थित है। त्र्यंबकेश्वर मंदिर काले पत्थरों से बना हुआ है।

jyotirlinga

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग झारखंड के देवघर में स्थित है। इस स्थान को बैद्यनाथ धाम के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, एक बार रावण तप के बल भगवान शिव को लंका ले जाने की कोशिश कर रहा था लेकिन रास्ते में व्यवधान आ जाने के कारण भगवान शिव यहां स्थापिक हो गए। यहा स्थापित शिवलिंग को कामनालिंग भी कहा जाता है।

jyotirlinga of lord shiva

रामेश्वर ज्योतिर्लिंग

लंका जाने से पहले भगवान राम ने जिस शिवलिंग की स्थापना की थी, उस स्थाना रामेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से जाना जाता है।

jyotirlinga of lord shiva

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग

नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में द्वारकापुरी से लगभग 20 किमी दूर अवस्थित है। माना जाता है कि भगवान शिव के इच्छा के अनुसार ही इस ज्योतिर्लिंग का नाम नागेश्वर ज्योतिर्लिंग रखा गाया है।

jyotirlinga of lord shiva

घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग

घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग राजस्थान के कोटा में स्थित है। इस ज्योतिर्लिंग को शिव को 12वां अवतार के नाम से प्रसिद्ध है। घुश्मा के मृत पुत्र को जीवित करने के लिए अवतरित प्रभु शिव ही घुमेश्वर या घुश्मेश्वर के नाम से जाने जाते हैं।

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned