Shubh Muhurat - आज इन कार्यों के लिए बने हैं शुभ मुहूर्त, आप भी उठाएं लाभ

Sunil Sharma

Publish: Aug, 22 2017 09:15:00 (IST)

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Shubh Muhurat - आज इन कार्यों के लिए बने हैं शुभ मुहूर्त, आप भी उठाएं लाभ

प्रतिपदा नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि १०.१६ तक, तदन्तर द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी

प्रतिपदा नन्दा संज्ञक तिथि रात्रि १०.१६ तक, तदन्तर द्वितीया भद्रा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा में शुभ व मांगलिक कार्य शुभ नहीं माने गए हैं। पर देवीकार्य और नवरात्रादि की दृष्टि से शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को शुभ माना गया है। द्वितीया तिथि में सभी शुभ कार्य करने चाहिए।

नक्षत्र: मघा ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र दोपहर बाद २.०४ तक, तदन्तर पूर्वा फाल्गुनी भी ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। मघा गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। मघा नक्षत्र में जन्मे जातकों के संभावित अरिष्ट निवारण के लिए २७ दिन बाद जब पुन: मघा नक्षत्र आए, तब नक्षत्र शांति (मूल शांति) करा देना जातकों के हित में होगा।

योग: शिव नामक योग अंतरात्रि ३.४१ तक, इसके बाद सिद्ध नामक योग रहेगा। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। विशिष्ट योग: राजयोग नामक शुभ योग रात्रि १०.१६ से प्रारंभ तथा दोपहर बाद २.४३ तक कुमार योग नामक शुभ योग है। राजयोग में सभी धार्मिक व मांगलिक कार्य शुभ होते हैं। कुमार योग में शिक्षा, मैत्री व व्रतादि शुभ कहे हैं। करण: किंस्तुघ्न नामक करण पूर्वाह्न ११.०८ तक, इसके बाद नाग व बवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिल्काद-२९
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : वर्षा
मास : भाद्रपद।
पक्ष - शुक्ल।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार मघा नक्षत्र में अति आवश्यकता में (सूर्ययुति दोषयुक्त) विवाह (द्विगर्त प्रदेशीय) और हलप्रवहण के शुभ मुहूर्त हैं।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ९.१८ से दोपहर बाद २.०६ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न ३.४२ से सायं ५.१८ तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर १२.०४ से दोपहर १२.५५ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारम्भ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज नक्तव्रत पूर्ण, मौन व्रत प्रारम्भ (जैन), प्रथम प्रकाश उत्सव गुरुग्रंथ साहिब (प्रा. मत से) तथा वीर जन्मोत्सव (जैन), अंतरात्र्योत्तर ३.५० से शरद् ऋतु प्रारम्भ। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि सिंह राशि में रहेगा। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: रात्रि १०.५५ पर बुध वक्री मघा नक्षत्र के चौथे चरण में तथा सूर्यदेव रात्रि ३.५० पर सायन कन्या में प्रवेश करेंगे। दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: अपराह्न ३.०० से सायं ४.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारम्भ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (मू, मे, मो, टा, टी, टू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि सिंह है। रजत पाद से जन्म है। रजत पाद से जन्म सुखप्रद माना जाता है। सामान्यत: ये जातक बड़े तेजस्वी और प्रभावशाली होते हैं। पर इनकी दीर्घायु के लिए शांति करानी चहिए। मघा नक्षत्र में जन्मे जातक धनवान, खुशहाल, माता-पिता की सेवा करने वाले, चतुर, व्यवहार कुशल, योजनाकार पर कुछ क्रोधी और अस्थिर चित्तवृत्ति वाले साहसी होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २५ वर्ष की आयु के बाद होता है। सिंह राशि वाले जातकों को अच्छा लाभ होगा। यात्रा में सावधानी बरतना आवश्यक है।

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