आज एकादशी पर इन कार्यों को करने से होगा बड़ा फायदा

Sunil Sharma

Publish: Sep, 16 2017 09:45:22 (IST)

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आज एकादशी पर इन कार्यों को करने से होगा बड़ा फायदा

एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि सायं ४.३१ तक, तदुपरान्त द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी

एकादशी नन्दा संज्ञक तिथि सायं ४.३१ तक, तदुपरान्त द्वादशी भद्रा संज्ञक तिथि प्रारंभ हो जाएगी। एकादशी तिथि में वैसे विवाहादि मांगलिक कार्य, जनेऊ, देवकार्य, गृहारंभ, प्रवेश, यात्रा व देवोत्सव आदि विषयक कार्य और द्वादशी में सभी चर-स्थिर, विवाह व अलंकारादिक कार्य शुभ होते हैं। यात्रा व तेल लगाना वर्जित है।

नक्षत्र: पुष्य ‘क्षिप्र व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि १.०५ तक, इसके बाद अश्लेषा ‘तीक्ष्ण व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। पुष्य नक्षत्र में विवाह के अतिरिक्त सभी कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। अश्लेषा गण्डान्त मूल संज्ञक नक्षत्र भी है। अत: इसमें जन्मे जातकों की २७ दिन बाद जब अश्लेषा नक्षत्र की पुनरावृत्ति हो, उस दिन नक्षत्र शांति (मूल शांति) करा देना जातकों के हित में होगा।

योग: परिघ नामक नैसर्गिक अशुभ योग सायं ७.४३ तक, तदुपरान्त शिव नामक नैसर्गिक शुभ योग है। ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन: रात्रि १२.४१ पर सूर्यदेव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या की संक्रान्ति ३० मु. है। पुण्यकाल अगले दिन है। रात्रि ३.५२ पर बुध पू.फा. नक्षत्र में प्रवेश करेगा। करण: बालव नामकरण सायं ४.३१ तक, इसके बाद कौलवादि करण रहेंगे।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-२४
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : आश्विन।
पक्ष : कृष्ण।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मांगलिक कार्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ७.४८ से प्रात: ९.१९ तक शुभ तथा दोपहर १२.२२ से सायं ४.५६ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५७ से दोपहर १२.४३ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज इंदिरा एकादशी व्रत सबका, एकादशी का श्राद्ध, गुरु रामदास व गुरु अमरदास पुण्य दिवस (नवीन मत से) है। चन्द्रमा: चन्द्रमा सम्पूर्ण दिवारात्रि कर्क राशि में रहेगा। दिशाशूल: शनिवार को वैसे पूर्व दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर चन्द्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: प्रात: ९.०० से १०.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (हे, हो, डा, डी, डू) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। इनकी जन्म राशि कर्क है। जन्म रजतपाद से हुआ है। सामान्यत: ये जातक कला और शास्त्र में कुशल, सत्यप्रिय, माता-पिता व गुरु इत्यादि की सेवा करने वाले, सुंदर, भाग्यशाली, प्रसिद्ध, कृपालु, धार्मिक, धनवान पर अश्लेषा नक्षत्र में जन्मे जातक इनसे विपरीत क्रूर, कूट-कपट में रत और व्यसनप्रिय होते हैं। इनका भाग्योदय कुछ विलम्ब से लगभग ३५ वर्ष की आयु तक होता है। कर्क राशि वाले जातकों के कार्यों में आज बहुत बाधाएं आ सकती हैं। मानसिक तनाव में न आकर लक्षित कार्य पूरा करें।

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