आज के दिन बन रहे हैं शुभ मुहूर्त, आप भी करें ये उपाय

Sunil Sharma

Publish: Sep, 19 2017 09:42:47 (IST)

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आज के दिन बन रहे हैं शुभ मुहूर्त, आप भी करें ये उपाय

चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि पूर्वाह्न ११.५३ तक, तदुपरान्त अमावस्या प्रारंभ हो जाएगी

चतुर्दशी रिक्ता संज्ञक तिथि पूर्वाह्न ११.५३ तक, तदुपरान्त अमावस्या प्रारंभ हो जाएगी। कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी और अमावस्या दोनों ही तिथियों में शुभ व मांगलिक कार्य वर्जित हैं। चतुर्दशी तिथि में अग्नि, विष, शस्त्रादि दूषित कार्य सिद्ध होते हैं क्षौर व यात्रा नहीं करना चाहिए। अमावस्या में पितृ कार्य, स्नान, दान व श्राद्धादि करने चाहिए।

नक्षत्र: पूर्वाफाल्गुनी ‘उग्र व अधोमुख’ संज्ञक नक्षत्र रात्रि ११.०१ तक, तदुपरान्त उत्तराफाल्गुनी ‘ध्रुव व ऊध्र्वमुख’ संज्ञक नक्षत्र है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में यथा आवश्यक बंधन, कठिन, क्रूर, कारीगरी, युद्ध व चित्र सम्बंधी कार्य प्रशस्त हैं। उ.फा. नक्षत्र में शुभ व मंगल कृत्यादि शुभ कहे गए हैं। पर अभी श्राद्ध पक्ष में मांगलिक कार्य वर्जित हैं।

योग: साध्य नामक योग दोपहर १२.४४ तक, तदन्तर शुभ नामक योग रहेगा। दोनों ही नैसर्गिक शुभ योग हैं। करण: शकुनि नामकरण पूर्वाह्न ११.५३ तक पश्चात् चतुष्पद नामकरण रहेगा। इनकी स्थिर संज्ञा होती है। शकुनि में पुष्टता के कार्य और चतुष्पद में श्राद्धादि कार्य करने योग्य हैं।

शुभ विक्रम संवत् : 207४
संवत्सर का नाम : साधारण
शाके संवत् : 193९
हिजरी संवत् : 143८, मु.मास: जिलहिज-२७
अयन : दक्षिणायन
ऋतु : शरद्
मास : आश्विन।
पक्ष : कृष्ण।

शुभ मुहूर्त: उपर्युक्त शुभाशुभ समय, तिथि, वार, नक्षत्र व योगानुसार आज किसी शुभ व मंगल कृत्यादि के शुभ व शुद्ध मुहूर्त नहीं है।

श्रेष्ठ चौघडि़ए: आज प्रात: ९.१९ से दोपहर बाद १.५१ तक क्रमश: चर, लाभ व अमृत तथा अपराह्न ३.२२ से सायं ४.५३ तक शुभ के श्रेष्ठ चौघडि़ए हैं एवं दोपहर ११.५६ से दोपहर १२.४५ तक अभिजित नामक श्रेष्ठ मुहूर्त है, जो आवश्यक शुभकार्यारंभ के लिए अत्युत्तम हैं।

व्रतोत्सव: आज पितृकार्य अमावस्या, सर्वपितृ श्राद्ध, सिंजामाता पूजन समाप्त तथा पितृपक्ष समाप्त आदि व्रतोत्सव हैं। चन्द्रमा: चन्द्रमा अंतरात्रि ४.५९ तक सिंह राशि में, इसके बाद कन्या राशि में रहेगा। दिशाशूल: मंगलवार को उत्तर दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चन्द्र स्थिति के अनुसार आज पूर्व दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद है। राहुकाल: अपराह्न ३.०० से सायं ४.३० बजे तक राहुकाल वेला में शुभकार्यारंभ यथासंभव वर्जित रखना हितकर है।

आज जन्म लेने वाले बच्चे
आज जन्म लेने वाले बच्चों के नाम (टी, टू, टे, टो, प) आदि अक्षरों पर रखे जा सकते हैं। अंतरात्रि ४.०० तक जन्मे जातकों की राशि सिंह व इसके बाद जन्मे जातकों की जन्म राशि कन्या है। इनका जन्म रजद पाद से है, जो अतीव शुभ है। सामान्यत: ये जातक धनवान, कीर्तिवान, साहसी, धर्मपरायण, शीतल स्वभाव, शत्रुजित, होशियार, सभी कार्यों में निपुण, मृदुभाषी व वाक्-पटु होते हैं। इनका भाग्योदय लगभग २८ से ३२ वर्ष की आयु के बीच होता है। सिंह राशि वाले जातक आज बहुत प्रसन्न रहेंगे। अपेक्षित लाभ के साथ कुछ व्यय अधिक होगा।

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