वीडियो - एंटी करप्शन की चाल में फंसा रिश्वतखोर लिपिक

आयुर्वेदिक व यूनानी विभाग का लिपिक गिरफ्तार

30 हज़ार की मांग रहा था रिश्वत

रंगेहाथ पकड़ा गया आरोपी लिपिक

सुनगढ़ी पुलिस को किया सुपुर्द

By: suchita mishra

Published: 18 Dec 2018, 07:20 PM IST

पीलीभीत। रिश्वत का नया मामला सामने आया है यहां एंटी करप्शन की टीम ने रंगेहाथ एक रिश्वतखोर को पकड़ा है। आरोपी एक रिटायर्ड कर्मचारी का फंड निकालने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था। बरेली से आई एंटी करप्शन की टीम ने आरोपी को पकड़कर उसे सुनगढ़ी थाना पुलिस की हिरासत में जेल भेजने के लिए सौंप दिया। रिश्वत के इस खेल में लिप्त सरकारी मुलाजिमों के लिए यह एक सबक है और उन्हे सुधरने के लिए मौका भी है।

यह है पूरा मामला
पीलीभीत का राजकीय आयुर्वेदिक और यूनानी विभाग जोकि शहर के ललित हरि राजकीय औषधि निमार्णशाला में बना हुआ है। यहां पर तैनात लिपिक को प्रशांत कुमार अवस्थी ने रिटायर्ड कर्मचारी से उसके फंड निकालने के एवज़ में 30 हज़ार रूपये की रिश्वत मांगी। पीलीभीत के रहने वाले वाले नारायन लाल ने बताया कि वो कलीनगर तहसील के वाईफरकेशन में राजकीय यूनानी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी के पद पर कार्यरत थे और उनका रिटार्यमेन्ट इसी वर्ष हुआ था और उन्हे अपना फंड निकलवाना था। जिसको लेकर विभाग का लिपिक प्रशांत आनाकानी कर रहा था। जब नारायन लाल लिपिक से ज़्यादा ही परेशान हो गए तो उन्होंने बीती 12 दिसंबर को इसकी शिकायत एंटी करप्शन सेल को की। एंटी करप्शन सेल को यह शिकायत 14 दिसंबर को मिली तब इंस्पेक्टर सुरेन्द्र सिंह अपनी टीम के साथ पीलीभीत आये और उन्होंने पीड़ित नारायन लाल की मदद से आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सालय विभाग में कार्यरत लिपिक प्रशांत ने फंड निकालने के नामपर उससे 30 हज़ार रूपये की रिश्वत की मांग की है। जिसपर पूरी तैयारी करके उन्होंने लिपिक को रंगेहाथ रिशवत लेते पकड़ा है। अब लिपिक को जेल भेजा जा रहा है और उसे सुनगढ़ी थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।

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