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पीलीभीत में मिले आठ हज़ार फर्जी गन्ना किसान, अब दलाल परेशान

गन्ना किसानों के बजाए माफिया बेच रहे थे गन्ना, जांच में हुआ खुलासा, 300 किसानों के एक ही खाता नंबर पाये गए
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पीलीभीत

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suchita mishra

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Updated: 29 Oct 2018, 10:04 PM IST

Ganna Samiti Pilibhit

Ganna Samiti Pilibhit

पीलीभीत। बरेली जोन के उप गन्ना आयुक्त सत्येंद्र सिंह ने पीलीभीत गन्ना समिति का औचक निरीक्षण कर आठ हज़ार फर्जी गन्ना किसानों का खुलासा किया इसके साथ ही ऐसे 300 किसान और मिले जिनके एक ही खाते पर यह किसान भुगतान पा रहे थे इतने बडे़ खुलासे के बाद अब गन्ना दलालों में हड़कंप मच गया हैं। उन्होनें जांच के लिए एससीडीआई और पीलीभीत गन्ना समिति के सचिव को निर्देश दिए गए हैं।

पीलीभीत में बीते दिनों उप गन्ना आयुक्त सत्येन्द्र सिंह ने समिति में पंजीकृत गन्ना किसानों की जांच की। उन्होंने कंप्यूटर रूम में पहुंचकर किसानों की जांच की तो उन्होने पाया कि एक ही नाम के पीलीभीत समिति क्षेत्र में आठ हजार लोगों के घोषणा पत्र बने हैं। सभी ने अलग-अलग गांव से सट्टा होने के लिए घोषणा पत्र दिया था। जब इसकी गहनता से जांच की गई तो उसके बाद 300 किसान ऐसे पाए गए, जिनके खाता नंबर भी एक जैसे थे। उन्होंने पीलीभीत गन्ना समिति के सचिव जितेंद्र कुमार और एससीडीआई राम भद्र द्विवेदी से जानकारी ली। उन्होंने दोनों अधिकारियों को जांच करने के निर्देश दिया है।

उन्होने बताया कि जांच के दौरान आठ हजार लोगों का सट्टाधारक मिले हैं। इसमें 300 लोगों का अलग अलग गांव से एक ही खाता नंबर पाया गया। ऐसे लोगों के सट्टा निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। इन लोगों का बकाया गन्ना मूल्य सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा।