मंडी में योगी आदित्यनाथ से किसानों ने कहा हम संतुष्ट ...

धान और गन्ना खरीद केन्द्रों का दौरा, सब कुछ अपनी आंखों के आगे देखा

By: Santosh Pandey

Published: 12 Nov 2017, 09:16 PM IST

पीलीभीत। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को पीलीभीत का दौरा किया। जहां पर उन्होंने धान और गन्ना खरीद का 18 घन्टे के अल्टीमेटम पर निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री से मंडी के किसानों ने कहा वो संतुष्ट हैं। सीएम के दौरे के लिए पीलीभीत प्रशासन अलर्ट हुआ और आनन-फानन में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त करायी गयी। कार्यक्रम सम्भावित था लेकिन देर रात तक ये कन्फर्म नहीं हुआ था कि सीएम किस समय पीलीभीत पहुंचेंगे। सीएम योगी लगभग दोपहर 1.15 बजे पीलीभीत पुलिस लाइन हैलीपैड से मण्डी समिति पीलीभीत कार द्वारा पहुंचे यहाॅ मंडी स्थल पर धान क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया इसके बाद वो माधोटांडा क्षेत्र के मथना जप्ती में गन्ना सेन्टर के निरीक्षण को पहुॅचे और वहाॅ से पीलीभीत टाईगर रिजर्व के चूका इको टूरिज्म स्पाट पर गये। सीएम ने बारीकी से छोटी-छोटी बातों का निरीक्षण किया इस दौरान सभी बीजेपी विधायक और जिलाधिकारी सहित सभी अधिकारी सीएम के साथ रहे। सीएम योगी खास तौर से मंडी की साफ-सफाई और व्यवस्था को लेकर खफा दिखे। उन्होंने मंडी सचिव सहित अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए मंडी को ऐसे चमकने के आदेश दिए कि किसान को मंडी आकर सुखद अहसास हो। वहीं पीलीभीत को उन्होने इको टूरिज्म में बढावा देने के साथ ही गेंडा परियोजना को भी चलाने व जंगल किनारे तार फेन्सिंग कराने की बात कही। वहीं जल विद्युत परियोजना पर भी उन्ह़ोने जल्द ही शुरू होने की बात पर सहमति जताई। जिलाधिकारी पीलीभीत भी आज मुख्यमंत्री की तरह भगवा रंग में रंगी दिखाई दी। वहीं जब मुख्यमंत्री ने उनसे सवाल-जवाब पूछने शुरू किये तो उन्हे प्यास लग गयी और मुख्यमंत्री के पीछे खड़े होकर इशारों से पानी मांगती दिखाई दी।

नवीन मंडी स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धान क्रय केंद्रों का बेहद बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने धान के बोरों तक का वजन चेक कराकर देखा, धान की नमी चेक करने में अक्सर किसानों और क्रय केंद्र संचालकों में विवाद देखा जाता है, इसको लेकर भी सीएम योगी संजीदा दिखे उन्होंने नमी चेक करने वाली मशीन को भी परखा, सीएम ने किसानों से भी बात की। साथ ही ब्लैक लिस्ट की गई खरीद एजेंसियों पर कार्यवाही और बकाया वसूली की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंडी की व्यवस्थाओं और साफ सफाई की लेकर खासा नाराज दिखे। उन्होंने मंडी अधिकारियों को पेयजल, शौचालय और साफ सफाई कर मंडी ऐसे चमकाने के निर्देश दिए ताकि किसान मण्डी मे आकर सुखद अहसास कर सके। उन्होंने दिन में स्ट्रीट लाइट जलने पर भी आश्चर्य जताया और सभी स्ट्रीट लाइट को एलईडी में बदलने के निर्देश दिए।

 

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जाते-जाते कुछ पल के लिए मीडिया से मुखातिब हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा सरकार का मकसद किसान को फसल का सही दाम दिलवाना है। यह दौरा इसी कवायद का हिस्सा है। मीडिया ने उनसे पूछा कि 11 धान क्रय सेन्टर एक ही दलाल व्यापारी को दिये गये जबकि पिछली सरकार में उस व्यापारी पर कमीशनखोरी के आरोप लगे थे। उन्होंने बताया कि इस समय धान और गेहूॅ की जो खरीद योजना बनायी गयी है उसमें किसानों के हित को देखकर ही बनाया गया है। पैसा सीधा अब किसान के खाते में जायेगा। बिचैलियों का माध्यम खत्म कर दिया गया है। पीलीभीत दौरा खास तौर पर धान खरीद को लेकर था हम रविवार को भी मण्डी खुलवाकर धान खरीद करवाएंगें। वहीं धान बेचने आये एक किसान से उन्होने वार्ता की उन्होने जब किसान से पूछा तो उसने अपनी समस्या बतायी कि उनका रक्बे से अधिक पैदावार होती है, जब वो ज्यादा धान लेकर आते है तो क्रय केन्द्र उनका धान वापस कर देते है। इसके साथ ही उन्होने अपनी फसल की रक्षा के लिये भी जंगल किनारे तार फैन्सिंग की मांग की जिसपर मुख्यमंत्री ने क्रय केन्द्रों को निर्देश दिये कि किसान जो भी धान लाये उसे खरीदे। साथ ही उन्होने तार फेन्सिंग करवाने का वादा किया।

पीलीभीत के लिये बोले कि यह गन्ना बहुल्य क्षेत्र भी है, पीलीभीत से खासतौर पर यह शिकायते मिलती थी कि गन्ना क्रय केन्द्रों पर घटतौली हो रही है, हालाकिं हमारे सभी गन्ना विभाग के अधिकारी कर्मचारी सभी चैक कर रहे थे लेकिन मैने स्वंय समझा कि मैं ही जाॅच करू। घटतौली की जो शिकायते मिलती थी वो अब नहीं है किसान सन्तुष्ट है।

पीलीभीत जिले की पहचान जोकि यहाॅ के जंगल और हाल ही में बना टाईगर रिजर्व है। सूबे के यह पहले मुख्यमंत्री है जिन्होने पीलीभीत टाईगर रिजर्व आकर इतिहास रचा है। हालाकिं बीती सरकार में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने टाईगर रिजर्व की मंजूरी तो दी थी लेकिन यहाॅ आकर मूलभूत सुविधाओं की कमियों को नहीं जाना। एक अर्से से लम्बित पडी गेंडा परियोजना को उन्होने हरी झंडी दिखाई है साथ ही पीलीभीत टाईगर रिजर्व को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की बात भी कही है। वहीं उनसे जब जल विद्युत परियोजना कब शुरू होगी पूछा तो बोले कि जल्द ही शुरू होगी। हम यहाॅ विकास करायेगें।

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