पीलीभीत में आदमखोर बाघिन को ट्रैंकुलाइज कर पिंजरे में किया कैद

आदमखोर बाघ ने एक व्यक्ति को बनाया अपना शिकार
पूरे इलाके लोग हुए आक्रोशित, वन विभाग के आफिस में की तोड़फोड़ और आगजनी
रेस्क्यू आपरेशन टीम ने बनाई रणनीति
बाघिन को किया ट्रैंकुलाइज, पिंजरे में कैद कर लग गए गाढ़ा गेस्ट हाउस

By: Mahendra Pratap

Updated: 10 Jun 2020, 11:42 AM IST

पीलीभीत. गजरौला थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात एक आदमखोर बाघ ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया। जिससे के बाद से पूरे इलाके के लोग आक्रोशित हो गए। उनके आक्रोश को खत्म करने के लिए मंगलवार देर शाम आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग की तीन टीमों ने मिलकर रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। इसमें दुधवा, जिम कार्बेट और पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीमें शामिल हुई। इन तीनों ने रणनीति बनाकर बाघिन को ट्रैंकुलाइज किया और उसे पिंजरे में कैद कर गाढ़ा गेस्ट हाउस ले गए।

मामला यह था कि सोमवार रात गजरौला थाना क्षेत्र के गोयल कॉलोनी का रहने वाला सुमेंद्र विश्वास (35 वर्ष) की आदमखोर बाघ के हमले में मौत हो गई। जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की चौकी फूंक दी थी। इलाके के ग्रामिणों ने जमकर उत्पात मचाया। माला रेंजर के कार्यालय में घुसकर वाहनों को आग लगाने के साथ सरकारी आवास में तोड़फोड़ की।

मामले को बिगड़ता देख मामला शासन स्तर तक पहुंचा, जिसके बाद शासन ने बाघिन को बेहोश करके पकड़ने की अनुमति दे दी गई। मंगलवार सुबह वन विभाग की तीन टीमों ने मिलकर रेस्क्यू आपरेशन शुरू किया। टाइगर रिजर्व के अफसरों को बाघिन की लोकेशन माला रेंज के कंपार्टमेंट 126 के बीट संख्या एक में भरेला तालाब के समीप मिली।

इसके बाद फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजामोहन के नेतृत्व में टीमों ने मंगलवार शाम चार बजे इलाके की घेराबंदी की। शाम करीब 6:50 बजे जिम कार्बेट के वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दुष्यंत सिंह ने बाघिन पर डॉट चलाकर बेहोश कर दिया और कुछ मिनट उसे पिंजरे में कैद कर लिया।

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