AAP का बड़ा आरोप, केजरीवाल सरकार को गिराने की साजिश रच रहे थे कुमार विश्वास

आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि एमसीडी चुनाव के बाद कुमार विश्वास दिल्ली में केजरीवाल सरकार को गिराना चाहते थे।

By: Chandra Prakash

Updated: 04 Jan 2018, 09:34 PM IST

नई दिल्ली। राज्यसभा के लिए आम आदमी पार्टी ने बेशक कुमार विश्वास का पत्ता साफ कर दिया है, लेकिन उनके बागी रवैये को लेकर पार्टी का हमला जारी है। अब आप का कहना है कि कुमार विश्वास पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे और दिल्ली नगर निगम चुनावों के बाद केजरीवाल सरकार को गिराने की साजिश रच रहे थे।


सरकार गिराना चाहते थे विश्वास
आम आदमी पार्टी दिल्ली के संयोजक गोपाल राय ने दावा किया है कि पिछले साल अप्रैल में हुए एमसीडी चुनावों के बाद केजरीवाल सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही थी। हालांकि यह साजिश सफल नहीं हो सका लेकिन इस षड्यंत्र के मुख्य केंद्र में कुमार विश्वास ही थे। सरकार गिराने की साजिश के लिए बैठके कुमार विश्वास के घर पर ही होती थी। इसमें पार्टी के कुछ अन्य विधायक भी शामिल थे। केजरीवाल कैबिनेट से बाहर किए गए कपिल मिश्रा भी साजिशकर्ताओं में शामिल थे।


हर मंच पर की पार्टी की आलोचना
गोपाल राय ने कहा कि कुमार विश्वास इस बात की पूरी कोशिश कर रहे थे कि नगर निगम चुनाव में आम आदमी पार्टी की संभावनाएं खत्म कर दी जाए। कुमार विश्वास एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने सार्वजनिक मंचों पर पार्टी के खिलाफ बोला है। क्या कोई भी पार्टी ऐसे शख्स को राज्यसभा भेज सकती है ?


विश्वास बोले- शहादत मंजूर
राज्यसभा के लिए उम्मीदवार नहीं बनाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के असंतुष्ट नेता कुमार विश्वास ने कहा कि उन्हें सच बोलने के लिए दंडित किया गया है। विश्वास ने मीडिया से कहा, "बीते डेढ़ सालों से चाहे पीएसी (राजनीति मामलों की समिति) हो या मेरे बड़े भाई अरविंद केजरीवाल का सर्जिकल स्ट्राइक जैसे मुद्दों पर फैसला, आतंकवादियों पर नरम रुख, टिकट बंटवारे पर उनकी चुप्पी व जेएनयू..जो भी सच मैंने बोला है, उसकी आज मुझे सजा दी गई है। मुझे शहादत मंजूर है। गोपाल राय ने विश्वास के बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।

आप ने घोषित किए 3 प्रत्याशी
बता दें कि आम आदमी पार्टी (आप) ने बुधवार को संजय सिंह, व्यापारी सुशील गुप्ता व चार्टर्ड अकांउटेंट एन.डी.गुप्ता को दिल्ली की तीन राज्यसभा सीटों के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी ने यह निर्णय आप की शीर्ष निर्णायक इकाई, राजनीतिक मामलों की समिति(पीएसी) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर लिया। बैठक में आप के अधिकतर विधायक शामिल हुए। यह पहली बार है कि आप ऊपरी सदन के लिए अपना उम्मीदवार भेजेगी। 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में आप के पास अधिकारिक तौर पर 66 सीटें हैं। इसमें कुछ असंतुष्ट विधायक भी हैं। सदन में कांग्रेस का एक भी सदस्य नहीं है।

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