एसपीजी मुद्दे पर शाहः गांधी परिवार की सुरक्षा केवल बदली है, प्रियंका के घर का केस एक इत्तेफाक था

  • राज्यसभा में एसपीजी संशोधन बिल के दौरान बोले गृह मंत्री।
  • सीआरपीएफ जेड प्लस देश का हाईएस्ट सिक्योरिटी कवर।
  • प्रियंका गांधी के आवास मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच जारी।

Amit Kumar Bajpai

December, 0306:30 PM

नई दिल्ली। संसद के उच्च सदन में मंगलवार को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) संशोधन बिल पेश किया गया। इसे लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई महत्वपूर्ण बातें बताते हुए गांधी परिवार से इसे हटाने और इसकी जरूरत के बारे में जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने प्रियंका गांधी के आवास पर सुरक्षा में कथित सेंध के मुद्दे पर भी जवाब दिया।

एसपीजी बिल को लेकर तमाम सांसदों द्वारा उठाए गए सुझावों-सवालों को सुनने के बाद अमित शाह ने कहा कि वह यह बात स्पष्ट करना चाहते हैं कि यह बिल केवल गांधी परिवार को ध्यान में रखते हुए नहीं पेश किया गया है। इस बिल से गांधी परिवार का कहीं कोई संबंध नहीं है।

प्रियंका गांधी के घर की सुरक्षा में सेंध, कांग्रेस ने की सीआरपीएफ से शिकायत

शाह ने आगे कहा, "मैं यह जरूर कहना चाहता हूं कि इससे संबंधित पिछले बदलाव एक परिवार को ही ध्यान में रखते हुए किए गए थे। अशोक सिंघल को एसपीजी सुरक्षा नहीं मिली थी, जबकि एक वक्त था जब उनको भी खतरा था। प्रधानमंत्री के लिए यह सुरक्षा इसलिए जरूरी होती है क्योंकि वह स्टेट ऑफ हेड होता है। अब अगर धमकी की ही बात करें तो क्यों सिर्फ गांधी परिवार? सभी को सुरक्षा मिले। सरकार की जिम्मेदारी 130 करोड़ लोगों की है। ऐसे में एसपीजी सुरक्षा हासिल करने की जिद मेरी समझ में नहीं आती।"

गृह मंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे कहा, "हम समानता में विश्वास रखते हैं। सिर्फ गांधी परिवार की सुरक्षा ही इस में नहीं है। ना केवल पूर्व पीएम चंद्रशेखर की सिक्योरिटी हटा ली गई थी, कांग्रेस के नरसिम्हा राव के साथ भी यही हुआ। मनमोहन सिंह की सुरक्षा भी जेड प्लस कर दी गई थी। उस वक्त तो कांग्रेस ने कुछ नहीं कहा। हम एक परिवार का विरोध नहीं कर रहे हैं बल्कि परिवारवाद का विरोध कर रहे हैं। और जब तक हमारे सीने में दम है, परिवार का यह विरोध जारी रहेगा।"

शाह ने कहा, "इस बिल को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर कर देता हूं। दो सदस्यों ने कहा यह बिल दो परिवारों को ध्यान में रखकर लाया गया, तो यह सच नहीं है। थोड़ा और स्पष्ट करूं तो मेरा कहने का मतलब था कि गांधी परिवार के तीन सदस्यों को ध्यान में रखकर यह बिल लाया गया, यह ठीक नहीं है। जो पुराना कानून था उसी को आधार मानते हुए गांधी परिवार की सुरक्षा समीक्षा के आधार पर उनका एसपीजी कवर हटाया गया। इसके बजाय उन्हें दूसरी सुरक्षा दी गई।"

प्रियंका गांधी का मामला

उन्होंने गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझे यह जिद नहीं समझ में आई कि मुझे एसपीजी सुरक्षा ही चाहिए। जो एसपीजी के लोग हैं, वो कोई विदेश से नहीं आते हैं। यहां कई सिक्योरिटी के लोग एसपीजी से ही आते हैं।"

गांधी परिवार की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में शाह ने कहा कि सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस नहीं ली है, सिर्फ परिवर्तन किया है। जो सुरक्षा रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, उप-राष्ट्रपति और राष्ट्रपति को मिली है, वही उनको भी मिली है।

प्रियंका गांधी के आवास पर सुरक्षा में हुई कथित सेंध की बात पर शाह बोले, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के घर पर एक घटना हुई। इस संबंध में एक सूचन मिली थी कि राहुल गांधी घर पर मिलने आ रहे हैं और राहुल गांधी-रॉबर्ट वाड्रा और सोनिया गांधी जब उनके घर पहुंचते हैं तो कोई जांच नहीं होती।

इस दौरान काले कलर की एक सफारी उनके घर में पहुंची, हालांकि इसमें कांग्रेस की एक नेता थीं, जिनका नाम कांग्रेस कमेटी खरगोरा मेरठ की शारदा त्यागी है। इत्तेफाक यह था कि जिस वक्त राहुल गांधी को आना था, ठीक उसी वक्त वह पहुंच गईं। इसकी उच्चस्तरीय जांच का आदेश दे दिया गया है। इस घटना को लेकर तीन सुरक्षाकर्मियों को संस्पेंड भी कर दिया गया है।

इस संबंध में शाह ने कहा, इस तरह की चीजों को गोपनीय रखा जाता है और इसकी जानकारी प्रेस को नहीं दी जानी चाहिए। अगर राजनीति करनी है जो प्रेस को दे सकते हैं, नहीं तो एक गोपनीय पत्र मुझे भी लिख सकते हैं।

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अमित कुमार बाजपेयी
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