अरुण जेटली का महागठबंधन पर निशान, ब्लॉग में लिखा-पॉलिटिकल सर्कस है ये

  • महागठबंधन की बातें सुन-सुनकर ऊब चुका है देश: जेटली
  • 'देश की सामाजिक-आर्थिक दशा अब काफी बदल चुकी है'
  • 'सभी गठबंधन के सूत्रधार बनना चाहते हैं'

By: Shivani Singh

Updated: 29 Mar 2019, 07:26 PM IST

नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक बार फिर महागठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने ब्लॉग में महागठबंधन को सर्कस बताया है। जेटली ने अपने ब्लॉग में लिखा कि देश महागठबंधन की बातें सुन-सुनकर ऊब चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में इतना काम किया है और बीजेपी की इतनी पकड़ है कि कोई भी एक पार्टी उससे अकेले जीत नहीं सकती।

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जेटली ने ब्लॉग में आगे लिखा कि देश की सामाजिक-आर्थिक दशा अब काफी बदल चुकी है। उन्होंने कहा, 'हमसे विपक्षियों के गठबंधन की बात कही गई है क्योंकि देश को बचाना है।' हमसे एक कॉमन मिनिमम एजेंडा प्रोग्राम का वादा किया गया है। वित्त मंत्री ने लिखा कि इस गठबंधन में हर नेता पीएम पद का दावेदार है। सभी गठबंधन के सूत्रधार बनना चाहते हैं। गठबंधन के नेता अपने राज्य में एक शो का आयोजन करते हैं। इस शो में बाकी नेता आमंत्रित किए जाते हैं।

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जेटली ने विश्लेषण करते हुए बताया कि पहले दो चरणों के मतदान का नामांकन हो चुका है और तीसरे की तैयारी चल रही है। उन्होंने जम्मू-कश्मरी के बारे में लिखा कि यहां कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रेंस का गठबंधन हुआ है, लेकिन यहां गठबंधन हो कर भी नहीं है। यहां दोनों पार्टियां कुछ सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ेंगे। वहीं, हरियाणा में किसी गठबंधन की संभावना नहीं।

दिल्ली की बात करें तो यहां आप क्या कभी भी कांग्रेस के साथ गठबंधन चाहती थी? आप ने यहां कांग्रेस को 3 सीटों का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने लिखा कि गठबंधन पहले हुआ होता तो विधानसभा चुनाव में भी दोनों पार्टियां 70 में से 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही होती।

वहीं, उत्तर प्रदेश में महागठंधन की बात करें तो यहां से कांग्रेस को निकाल दिया गया है। उसे साफ कह दिया गया है कि उसकी यहां जरूरत नहीं है। मायावती की पार्टी बीएसपी ने न सिर्फ कांग्रेस को गठबंधन से बाहर रखा, बल्कि देश के बाकी राज्यों में भी उसका यही प्रयास है कि कांग्रेस ज्यादा सीटें न जीत पाए। बता दें कि इसी तरह जेटली ने बिहार,झारखंड, असम असम, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल का भी विश्लेषण किया।

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