असदुद्दीन का भड़काव बयान - भारत में मुसलमानों की सियासी सहभागिता के खिलाफ है हिंदुत्व

  • संसद में हमारी उपस्थिति हिंदुत्व के खिलाफ।
  • हिंदुत्व झूठ पर आधारित विचारधारा।

By: Dhirendra

Updated: 21 Nov 2020, 09:17 AM IST

नई दिल्ली। बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटों पर जीत हासिल करने के बाद एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर भड़काव बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व इस झूठ पर आधारित है कि भारत में केवल एक समुदाय के पास सभी राजनीतिक शक्ति होनी चाहिए। इतना ही नहीं, हिंदुत्व के मुताबिक मुसलमानों को राजनीति में भाग लेने का कोई अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने अपने ट्विट में लिखा है कि संसद और विधानसभाओं में हमारी बहुत उपस्थिति हिंदुत्व और संघ के विचारों के खिलाफ है। ऐसे में हम एक ऐसा विरोधी तत्व हैं जिसे हिंदुत्ववादी संगठनों के कर्ताधर्ता गलत मानते हैं।

ममता के लिए मुसीबत बने ओवैसी

सरी तरफ पश्चिम बंगाल में बीजेपी और वाम-कांग्रेस के मोर्चे से लड़ाई की रणनीति तैयार कर रही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने सांप-छछूंदर की स्थिति पैदा कर दी है। ओवैसी ने टीएमसी को अपने साथ चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। ओवैसी के इस प्रस्ताव से ममता बनर्जी के सामने नई मुश्किल खड़ी कर दी है। उनके प्रस्ताव को स्वीकार करना और खारिज करना दोनों नुकसानदेह हो सकता है।

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