भारत बंद: सवर्ण आंदोलन का सोशल मीडिया से हो रहा नेतृत्व, बिहार और मध्‍य प्रदेश में व्‍यापक असर

भारत बंद: सवर्ण आंदोलन का सोशल मीडिया से हो रहा नेतृत्व, बिहार और मध्‍य प्रदेश में व्‍यापक असर

Dhirendra Mishra | Publish: Sep, 06 2018 02:36:05 PM (IST) राजनीति

शल साइट्स के जरिए सवर्ण समाज के लोगों को आंदोलन में शिरकत करने के लिए जागरूक करने का काम किया गया।

 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मोदी सरकार द्वारा एससी-एसटी संशोधन बिल के खिलाफ देशभर में सवर्णों का जोरदार प्रदर्शन जारी है। कहीं-कहीं यह प्रदर्शन उग्र होने की भी सूचना है। बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्‍तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में इसका असर सबसे ज्‍यादा दिख रहा है। इस आंदोलन को लेकर सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि प्रदर्शन का नेतृत्व सोशल साइट्स के जरिए हो रहा है। देश के 35 से ज्‍यादा सवर्ण संगठनों ने इस आंदोलन को सफल बनाने में अहम भूमिका अदा की है। सोशल साइट्स के जरिए सवर्ण समाज के लोगों को आंदोलन में शिरकत करने के लिए जागरूक करने का काम किया गया। इसका नतीजा यह निकला कि देश के कई राज्‍यों में आंदोलन का असर व्‍यापक पैमाने देखने को मिल रहा है।

बंद किसी समुदाय के खिलाफ नहीं
गुरुवार को प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन के जरिए भी नजर रखी जा रही है। खासकर जिन क्षेत्रों में एससी-एसटी एक्‍ट को लेकर आंदोलन का असर ज्‍यादा है वहां पर बंद समर्थकों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है। ताकि विघटनकारी तत्‍वों को आसानी से काबू करना संभव हो सके। बिहार के आरा, पटना, मोकामा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, समस्‍तीपुर में बंद समर्थकों ने बाजारों को बंद कराने के साथ ही ट्रेनें भी रोकी हैं। नेशनल हाईवे पर जाम लगाया। आरा के अलावा दरभंगा और पटना में बड़े पैमाने पर विरोध हो रहा है। सवर्ण समाज का कहना है कि वो किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं है। लेकिन केंद्र सरकार को सवर्ण समाज की भावना का भी सम्मान करना चाहिए।

एमपी में सुरक्षा का सघन पहरा
सवर्ण आंदोलन को लेकर मध्यप्रदेश में प्रशासन ने खास सतर्कता बरतने के निर्देश पुलिस प्रशासन और सतर्कता एजेंसियों सख्‍ती बरतने के निर्देश दिए गए थे। इसकसे बावजूद, ग्‍वालियर, भिंड, मुरैना, भोपाल, इंदौर, सीधी, मंदसौर आदि क्षेत्रों में बंद का असर रहा। एमपी सरकार ने राज्य के कई हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रदेश के 18 जिलों में धारा 144 लागू है। एहतियातन हालातों को काबू में रखने के लिए 10 बजे से 4 बजे तक पेट्रोल पंपों को बंद रखा गया है। कुछ शहरों में शिक्षण संस्थान और इंटरनेट बंद है। सवर्ण प्रदर्शनकारियों की मांग एससी-एसटी बिल से कुछ प्रावधानों को हटाने की है।

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