Bihar Election : हाई वोल्टेज ड्रामे वाला रहा पहले चरण का चुनाव प्रचार, जानें प्रमुख बातें

 

  • 28 अक्टूबर को बिहार में 71 सीटों के लिए मतदान होगा।
  • एनडीए और महागठबंधन ने सियासी जीत के झोंकी पूरी ताकत।

By: Dhirendra

Updated: 26 Oct 2020, 11:35 PM IST

नई दिल्ली। बिहार चुनाव ( Bihar Chunav ) के पहले चरण का प्रचार आज समाप्त हो गया। पहले चरण ( First Phase ) में 28 अक्टूबर को 71 सीटों पर लोग मतदान करेंगे। सियासी नजरिए से यह पहला चरण हाई-वोल्टेज वाला रहा। इस चरण में एनडीए ( NDA ) की ओर से मोर्चा पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार ने संभाला तो महागठबंधन ( Mahagathbandhan ) की ओर से विपक्ष का नेतृत्व युवा नेता तेजस्वी यादव ने किया।

आइए हम आपको बताते हैं पहले चरण के चुनाव की प्रमुख बातें :

एनडीए गठबंधन

सबसे पहले हम आपको बता दें कि इस बार बीजेपी और जेडीयू 50-50 फार्मूले पर चुनाव लड़ रही है। पहले चरण में एनडीए का अभियान जबरदस्त रहा। पीएम मोदी सासाराम, गया और भागलपुर की रैलियों को संबोधित कर गाल्वन घाटी हिंसा, धारा 370 समाप्त करने, तीन तलाक का उन्मूलन, राम मंदिर जैसे राष्ट्रीय मुद्दों के आधार पर लोगों को एनडीए के पक्ष वोट करने की अपील की।

वहीं सीएम नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड पर जोर देते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने की कसम खाई। कहीं-कहीं लालू समर्थकों द्वारा नीतीश विरोध में नारे लगाने पर सीएम मंच से अपना आपा खोते नजर आए।

बीजेपी की ओर से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, देवेंद्र फडणवीस, भूपेंद्र यादव जैसे स्टार प्रचारकों ने केंद्र और बिहार सरकार की उपलब्धियों को गिनाया।

पहले चरण के चुनाव प्रचार में एलजेपी नेता चिराग पर सुर्खियों बने रहे। इस बार चिराग नीतीश कुमार के विरोध में खड़े हैं तो बीजेपी की सरकार बनाने में जुटे हैं। साथ ही उनके नेतृत्व में एलजेपी अकेले दम पर 138 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी के इशारे पर एलजेपी नीतीश पर हमला कर रही है। चिराग के इस कदम से एनडीए को लेकर लोगों के भ्रम की स्थिति है।

आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन

पहले चरण में आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर आक्रामक रुख कर परिचय देते हुए नीतीश और बीजेपी पर शुरू से लेकर अंत तक हमला जारी रखा। आरजेडी ने अपने घोषणापत्र में तेजस्वी के 10 लाख सरकारी नौकरियां देने के वादे को जोर-शोर से उठा रहे हैं। ऐसा कर तेजस्वी चुनावी सभी में भीड़ जुटाने में सफल रहे हैं, जो एनडीए के लिए चिंता का विषय है। इतना ही नहीं तेजस्वी गुट ने प्रवासी मजदूरों के मुद्दे को उठाकर नीतीश सरकार को घेरने की कोशिया की। इसके अलावा बिहार के स्थानीय सरोकारों तक सीमित रखा है, जिससे भाजपा के राष्ट्रीय मुद्दों की ओर रुख करने के प्रयासों का जवाब नहीं मिल रहा है।

दूसरी तरफ कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने चुनावी जनसभाओं को संबोधित किया और चीनी अतिक्रमण, कोरोना से निपटने में केंद्र की विफलता, बेरोजगारी जैसे मुद्दों को उठायां

इसके अलावा बिहार चुनाव में एनडीए की ओर से अब तक प्रचार करने वाले अन्य प्रमुख नेताओं में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और स्मृति ईरानी, कांग्रेस नेता राज बब्बर और शत्रुघ्न सिन्हा, बसपा सुप्रीमो मायावती और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीजेपी का भाजपा का घोषणापत्र जारी किया। कोविद-19 वैक्सीन मुफ्त देने की घोषणा की वजह से वो सुर्खियों में बनी रहीं।

कोरोना वायरस संक्रमण का साया

बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान कई प्रमुख नेता कोविद-19 संक्रमण के शिकार हुए। इनमें उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी और सैयद शाहनवाज हुसैन शामिल है।

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